शिक्षक की छेड़छाड़ से परेशान छात्राओं की खबर पर कलेक्टर ने की कार्रवाई, आरोपी शिक्षक को निलंबित करने की अनुशंसा और पूरे स्टाफ की 2 वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश

बालोद। जिले के गुरूर विकासखण्ड के अंतर्गत आने वाले ग्राम में संचालित सरकारी हाईस्कूल में एक शिक्षक द्वारा छात्राओं के साथ छेड़छाड़ किये जाने का मामला सोशल मीडिया में प्रकाश में आने के बाद कलेक्टर ने तत्काल जांच करवाते हुए कठोर कार्रवाई की अनुशंसा की।

छात्राओं की करवाता था रेकी

दरअसल छेड़छाड़ का यह मामला पिछले सत्र का है। तब यहां पदस्थ व्याख्याता (एल.बी.) कैलाश कुमार साहू के ऊपर छात्राओं ने गलत हरकतें करने का आरोप लगाया था। इस शिक्षक की हरकतें इतनी नीच किस्म की थी कि यह कुछ छात्राओं की रेकी भी करवाता था, और पता लगवाता था कि वे किससे मिलती हैं, कहां-कहां जाती हैं। अगर कोई छात्रा शिकायत करने की धमकी देती थी तो वह चुपके से उसके कॉपी-किताब में 500 -1000 रूपये के नोट डाल देता था, ताकि उसकी शिकायत न हो।

शिक्षक साहू की हरकतों से परेशान छात्राओं ने मामले की शिकायत अपने पालकों से की तब बड़ी संख्या ने ग्रामीणों ने स्कूल में आकर विरोध जताया। तब प्राचार्य और अन्य शिक्षकों ने साहू को समझाइश देने की बात कहकर मामले को टाल दिया, मगर बताया जाता है कि नाराज छात्राओं ने साहू को चेता दिया था कि वह स्कूल में अगले सत्र में नजर नहीं आये और अपना तबादला कहीं और करा ले।

छात्राएं टीसी मांगने पहुंची तब मचा हड़कंप

दो दिन पूर्व जब नया सत्र शुरू हुआ तब स्कूल पहुंची छात्राओं ने देखा कि व्याख्याता कैलाश कुमार साहू तो स्कूल में ही पदस्थ है, इससे नाराज लगभग 2 दर्जन छात्राओं ने स्थानांतरण प्रमाण पात्र (टीसी) की मांग कर डाली। इसकी जानकारी मिलने पर शिक्षा समिति के पदाधिकारियों ने इन्हे समझाइश देकर रोका और शिक्षक के तबादले के प्रयास करने की बात कही।

टीम गठित कर मामले की जांच कराई

छात्राओं द्वारा टीसी मांगे जाने की खबर सोशल मीडिया में वायरल होने की खबर जैसे ही बालोद कलेक्टर जन्मेजय महोबे को हुई, उन्होंने SDM और DEO को तत्काल जांच के लिए भेजा। जांच टीम में BEO और तहसीलदार को भी शामिल किया गया।

कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने TRP न्यूज़ को बताया कि जांच रिपोर्ट मिलते ही सबसे पहले आरोपी व्याख्याता कैलाश कुमार साहू को DEO ऑफिस में अटैच किया गया और उसके निलंबन की कार्यवाही के लिए संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़, नवा रायपुर को पत्र लिखा गया। चूंकि मामला छात्राओं के साथ छेड़छाड़ जैसे गंभीर मुद्दे से जुड़ा हुआ था और स्कूल के प्राचार्य तथा अन्य शिक्षकों ने मामले को गोपनीय रखा, इसलिए पूरे स्टाफ की 2 वेतन वृद्धि रोकने की अनुशंसा भी की गई है।

बहरहाल इस घटना से सबक लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने इस पर रोकथाम के लिए जिले के समस्त प्राचार्य एवं BEO को पत्र जारी कर शिक्षकों की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर

Back to top button