महासमुंद नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश, तख्तापलट की तैयारी में जुटे कांग्रेसी

महासमुंद। यहां नगरपालिका के भाजपा समर्थित अध्यक्ष प्रकाश चन्द्राकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कांग्रेस के पार्षदो ने जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। इन पार्षदो ने अध्यक्ष के उपर जनहित के कार्यों की अनदेखी, पालिका नियमों को दरकिनार करने और पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

महासमुंद के जिलाधीश नीलेश क्षीरसागर को ज्ञापन सौंपने वालों में कांग्रेस नपा उपाध्यक्ष कृष्णा चंद्राकर, नपा नेता प्रतिपक्ष श्रीमती राशि त्रिभुवन महिलांग, पार्षद अमन चंद्राकर, अनिता विजय साव, प्रीति बादल मक्कड़, उर्मिला साहू, निखिलकांत साहू, बबलू हरपाल, राजेश नेताम, डमरुधर मांझी शामिल थे। पार्षदो ने ये आवेदन छग नगर पालिका अधिनियम 1961 (यथा संशोधित) की धारा 43 क के तहत नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर के विरुद्ध प्रस्तुत किया है।

जनहित के कार्यों की अनदेखी का आरोप

पार्षदों ने आरोप लगाया है कि अध्यक्ष दो वर्षों से जनहित के कार्यों की अनदेखी कर रहे हैं, जिसके चलते पार्षदगण वार्डवासियों के कोप का भाजन बन रहे हैं। वे परिषद के निर्णय का क्रियान्वयन भी नहीं करा रहे हैं। सामान्य परिषद एवं प्रेसिडेंट इन काउंसिल द्वारा लिए गए संकल्पों को कार्रवाई पंजी में दर्ज नहीं किया जाता। धन संबंधी और नीतिगत अनेक प्रस्ताव, अनुमोदन काउंसिल सदस्यों की जानकारी के बगैर ही कार्रवाई पंजी में दर्ज कर लिया जाता है। नपाध्यक्ष अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं और न ही जनहित के कार्यों में रुचि ले रहे हैं। जिससे नगरवासियों में घोर नाराजगी है। इसीलिए उन्हें अध्यक्ष पद से हटाया जाना अतिआवश्यक हो गया है।

अध्यक्ष का दावा – ध्वस्त हो जायेगा प्रस्ताव

उधर इस मुद्दे नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाश चन्द्राकर का कहना है कि कांग्रेस ने जो अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है वह पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगा। प्रदेशभर में नगर पालिका महासमुंद ने विकास के आयाम गढ़े हैं। आरोप लगाना आसान है मगर कांग्रेसी पार्षदों के पास कोई प्रमाण नहीं है, उनका काम ही विरोध करना है। प्रकाश चन्द्राकर का कहना है कि हमारे पास जादुई आंकड़ा है, समय आने पर इस आंकड़े का कमाल विपक्षी देखेंगे।

विधिसम्मत होगी कार्रवाई – निर्वाचन अधिकारी

इस‌ पूरे मामले‌‌ मे कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी नीलेश क्षीरसागरका कहना है कि अविश्वास प्रस्ताव के लिए आवेदन आया है, इसमें संख्या बल की पूर्ति हो रही है, 10 से 15 दिनों के भीतर विशेष बैठक बुलाई जाएगी और जो विधि सम्मत कार्यवाही होगी वो की जायेगी।

क्रॉस वोटिंग की आशंका प्रबल

महासमुंद नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाश चन्द्राकर भले ही अपने पास जादुई आंकड़ा होने की बात कह रहे हैं मगर इसमें अभी से संदेह होने लगा है। बता दें कि करीब एक साल पहले राशि त्रिभुवन महिलांग ने अपने साथ 4 और निर्दलीय पार्षदों को संसदीय सचिव विनोद सेवन लाल चंद्राकर के समक्ष कांग्रेस प्रवेश कराया था। महासमुंद नगर पालिका परिषद में उपाध्यक्ष कृष्णा चंद्राकर कांग्रेस से हैं। और छत्तीसगढ़ जोगी कांग्रेस से कांग्रेस का दामन थामने वाली पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष व वर्तमान वार्ड 15 के पार्षद राशि त्रिभुवन महिलांग जो नेता प्रतिपक्ष को अध्यक्ष बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। सूत्र बताते है कि कांग्रेस नेता बीजेपी के कुछ पार्षदों के संपर्क में हैं, जो कि बीजेपी अध्यक्ष के विरुद्ध जाकर कांग्रेस को अपना समर्थन दे सकते हैं। सच तो ये है कि बिना बीजेपी पार्षदों का समर्थन लिए अविश्वास प्रस्ताव लाना कांग्रेस के लिए मुमकिन नहीं है, और कांग्रेस ने ऐसे ही पत्ते नहीं खोले हैं। पता चला है कि स्थानीय विधायक विनोद चंद्राकर के इशारे पर ही अविश्वास प्रस्ताव का यह दांव खेला गया है। अब लोगों को उस दिन का इंतजार है, जब अविश्वास प्रस्ताव पर कार्रवाई होगी।

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