कोरबा। एसईसीएल की दीपका कोल परियोजना में उस वक्त अफरा-तफरी की स्थिती निर्मित हो गई जब खदान के भीतर मौजूद ड्रिल मशीन में भीषण आग लग गई। घटना की जानकारी मिलने पर प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घंटों की मशक्कत के बाद आग को काबू में किया।

एसईसीएल की खदानों में मौजूद मशीनों की मेंटेनेंस नहीं करने के कारण वे लगातार हादसे का शिकार हो रहे हैं। पिछले दिनों रजगामार खदान में मेंटेेनेंस के अभाव में बंकर टूटकर गिरा था। वहीं अब दीपका खदान में मौजूद ड्रील मशीन में आग लग गई। आगजनी की इस घटना में प्रबंधन को करोड़ों का नुकसान हुआ है। इस मशीन का उपयोग ब्लाॅस्टिंग के लिए खुदाई करने के लिए किया जाता है। बताया जा रहा है कि ड्रील मशीन का एयर कंप्रेसर लीक था। जिसकी शिकायत मेंटेनेंस टीम को ऑपरेटर द्वारा दी गयी थी। मेंटेनेंस टीम ने फिल्टर तो चेंज कर दिया मगर एयर कंप्रेसर का लीक नहीं रोका और मशीन ओके कर चले गया।

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जिसके बाद ओवरहिट होने से मशीन में आग लग गई। जिस वक्त मशीन में आग लगी उस वक्त उससे कार्य लिया जा रहा था। इस पूरे हादसे में प्रबंधन द्वारा मशीनों के देखरेख में घोर लापरवाही सामने आ रही है।

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