सरकारी स्कूलों में अब नहीं रख पाएंगे किराये के "गुरूजी"
सरकारी स्कूलों में अब नहीं रख पाएंगे किराये के "गुरूजी"

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल इलाकों में शिक्षकों द्वारा खुद पढ़ाने की बजाय स्थानीय लोगों को इस काम में लगा दिए जाने की शिकायतें आये दिन मिलती रहती हैं। चंद शिक्षकों की इस प्रवृत्ति को देखते हुए शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर अब स्कूलों में शिक्षकों की तस्वीरें चस्पा करने का आदेश दिया है।

समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक नरेन्द्र दुग्गा द्वारा जारी इस पत्र में हिमाचल प्रदेश में मुख्य सचिवों की हुई बैठक का उल्लेख करते हुए लिखा गया है कि सुदूर अंचलों में स्थित शालाओं में निरीक्षण के दौरान प्रोक्सी मतलब अपने स्थान पर “किराये” के शिक्षकों के कार्यरत होने की जानकारी प्राप्त होने पर स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आगामी 10 दिनों के भीतर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चत करने के निर्देश दिये गए हैं।

शिक्षकों की फोटो विवरण सहित चस्पा करें

पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्रोक्सी अथवा एवजी शिक्षकों की जानकारी प्राप्त होने पर संकुल समन्वयकों के माध्यम से तत्काल इसकी शिकायत विकासखंड शिक्षा अधिकारी को करवाते हुए एक्शन लिया जाय। एवजी या प्रोक्सी शिक्षकों की समस्या के निराकरण के लिए आगामी दस दिनों के भीतर सभी शालाओं में कार्यरत शासकीय शिक्षकों के फोटो और उनके नाम सहित विवरण बाहरी दीवार पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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शासकीय शिक्षकों के दस्तावेजों का कार्यालय में वेरिफिकेशन करते हुए प्रमाणीकरण करने को कहा गया है। शाला प्रबन्धन समिति के साथ सभी कार्यरत शासकीय शिक्षकों का परिचय सत्र आयोजित कर प्रत्येक शिक्षक द्वारा उनके समक्ष शाला गुणवत्ता सुधार हेतु लक्ष्य निर्धारित कर प्रस्तुतीकरण करने को भी कहा गया है। जिला शिक्षा अधिकारियों को सभी शालाओं में आगामी दस दिनों के भीतर कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया है, जिससे राज्य स्तर से निरीक्षण के दौरान सभी शालाओं में यह व्यवस्था लागू होने की सूचना मिल सके।

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