वन मंत्री ने कैम्पा में गड़बड़ी बात स्वीकारी
वन मंत्री ने कैम्पा में गड़बड़ी बात स्वीकारी

रायपुर। आज विधानसभा में ध्यानाकर्षण के तहत नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने बिलासपुर वन मंडल में कैंपा के माध्यम से होने वाले कार्यों में अनियमितता पर ध्यानाकर्षित कराया। कौशिक ने कहा कि कैम्पा के माध्यम से होने कार्यों में बड़ी गड़बड़ी की गई है और मजदूरों के भुगतान में अनियमितता बरती गई है।

इस दौरान वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने माना कि गड़बड़ी हुई है, वन मंत्री अकबर ने सदन से ही एक अधिकारी को निलंबित करने की घोषणा की और अन्य अधिकारियों के खिलाफ जांच कराए जाने की बात कही।

ये है मामला…

नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ने कैम्पा के तहत कराये गए कार्य में मजदूरी के भुगतान में गड़बड़ी का मामला उठाया था। उन्होंने वन परिक्षेत्र बेलगहना में कैम्पा के तहत हुए कार्य में फर्जी प्रमाणक तैयार कर भुगतान किये जाने की बात कही, जिसमे 15 ग्रामीणों द्वारा काम नहीं किये जाने के बावजूद उनके खाते में 8 लाख 59 हजार रूपये जमा करके उसकी वसूली कर ली गई। जाँच अधिकारी ने प्रतिवेदन में स्पष्ट उल्लेख किया है कि इस गड़बड़ी में डिप्टी रेंजर सेवक राम बैगा और रेंजर विजय कुमार साहू दोषी हैं और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ ही रकम की वसूली की जाय। मगर 2021 को हुई इस गड़बड़ी को लेकर DFO द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

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इसी तरह कहुआ नाला में हुए कार्य में कुछ मजदूरों को तय मजदूरी से ज्यादा का भुगतान किया गया। प्रमाणक के मुताबिक 2 लाख 39 हजार की बजाय 8 लाख 73 हजार रूपये का भुगतान हुआ। संबंधित निर्माण कार्य की जांच के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।

जांच में देरी कर लीपापोती का प्रयास

नेता प्रतिपक्ष द्वारा प्रस्तुत दोनों मामलो पर अगर नजर डालें तो यह बात साफ़ नजर आती है कि मामलो की जांच और कार्रवाई में इतना विलम्ब किया जाता है कि शिकायतकर्ता भी इस बात को भूल जाये कि उसने कोई शिकायत भी विभाग में की थी। दोनों मामले सन 2021 के हैं। पहले की जांच भी हो गयी मगर DFO अब तक कार्रवाई नहीं की। वहीं कहुआ नाले के मामले में कल ही याने 21 जुलाई को उप वन मंडलाधिकारी कोटा से जाँच प्रतिवेदन मिलने की जानकारी दी गई है। मतलब साफ़ है कि अगर ध्यानाकर्षण में यह मामला नहीं उठाया जाता तो अब भी मामले की जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती। हालांकि अब भी अंतिम जाँच प्रतिवेदन मिलने के बाद ही कार्रवाई की बात कही गई है।

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बहरहाल इस मामले में वनमंत्री मोहम्मद अकबर ने सदन से ही वन मंडल के एक अधिकारी को निलंबित करने की घोषणा की है। अन्य अधिकारियों की भूमिका सामने आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई करने की जाएगी।

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