नई दिल्ली। दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट का चीफ यासीन मलिक ने भूख हड़ताल कर दी है। आतंकी यासीन मलिक का कहना है कि उसके उपर जो मामला द्रज किया गया है वह अभी विचाराधीन चल रहा है उस पर सही से जांच नहीं की जा रही है इसलिए वह भूख हड़ताल पर बैठा है। इस दौरान जब जेल के आला अधिकारी यासीन मलिक को समझाने पहुंचे तो उसने साफ इनकार कर दिया।


बता दें कि अप्रैल, 2019 में एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में टेरर-फंडिंग और अलगाववादी समूहों से जुड़े मामले में मलिक को गिरफ्तार किया था। तो वहीं इससे पहले मलिक ने 13 जुलाई को दिल्ली के विशेष अदालत से पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबिया सईद के अपहरण से जुड़े मामले में प्रत्यक्ष रूप से पेश होने और गवाहों से खुद जिरह करने की अनुमति मांगी थी। मलिक ने कहा था इसकी अनुमति न मिलने पर वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेगा।

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बता दें कि यासीन मलिक को 25 मई को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दिल्ली की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इससे पहले 2017 में मलिक को कश्मीर घाटी में आतंकवाद और अलगाववादी गतिविधियों से संबंधित मामले में दोषी ठहराया गया। वहीं, 19 मई को दिल्ली की एनआईए अदालत ने उसे टेरर फंडिंग मामले में दोषी ठहराया।


गौरतलब है कि यासीन मलिक प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) का प्रमुख है। उसे आतंकवाद के वित्त पोषण से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

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