0 भ्रष्ट 25 पर कार्रवाई, फहरिस्त में हैं 34 और इनके साथी लगा रहे चूना

0 विभाग पुरे प्रदेश के डीडीए लगाए हैं 18 करोड़ से ज़्यादा का पलीता

रायपुर। विशेष संवादाता/ टीआरपी न्यूज़
आखिरकार टीआरपी न्यूज़ के खुलासे के बाद कृषि विभाग और शासन के ख़ज़ाने को लम्बे समय से चूना लगा रहे अफसरों पर कार्रवाई तेज़ हो गई है। देर से ही सहीं पर कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने सदन में ऐसे 25 कृषि अधिकारीयों पर कार्रवाई किये जाने का खुलासा किया है। बताया है कि कृषि विभाग में भ्रष्टाचार, और अन्य प्रकरणों में अब तक 25 अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इन अफसरों की वेतन वृद्धि रोकी गई है। यह जानकारी कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने एक सवाल के जवाब में दी है। बता दें की तीन साल पहले सी-वुड-जेल के नाम से कृषि विभाग में भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारीयों और उनके मातहतों के सम्बन्ध में नामजद जानकारी का राजफाश टीआरपी न्यूज़ के प्रबंध संपादक उचित शर्मा ने किया था। वैसे तो विभाग के घोटालेबाज़ अधिकारीयों की फेहरिस्त 25 नहीं बलकि 34 हैं अगर इन 34 के मातहत को मिलाया जाये तो तक़रीबन 60 अफसर-कर्मियों पर कार्रवाई होनी तय है।

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जानकारी के मुताबिक सदन में उठे इन भ्रष्ट कृषि अधिकारीयों के पद और कारगुज़ारियों की जानकारी विपक्षी सदस्य ने सदन में पूछा है। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने जवाब में बताया है कि कृषि विभाग के कार्यपालन यंत्री, और अन्य उच्च पदों के अफसरों के खिलाफ ईओडब्ल्यू, एसीबी और अन्य मामलों की जांच चल रही है। में कब से जांच चल रही है। कृषि विभाग के चार अफसरों के खिलाफ ईओडब्ल्यू, दस पर लोक आयोग, और 12 के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। टीआरपी की जानकारी के मुताबिक तीन साल पहले सभी भ्रष्ट अधिकारियों की शिकायत की गई थी, शिकायत पर संयुक्त संचालक विनोद कुमार वर्मा निलंबित हुए थे। साथ ही तत्कालीन संचालक एम एस केरकेटटा को भी नोटिस दिया गया था। उचित शर्मा का कहना है कि अगर जांच इमानदारी से होती है तो 34 अधिकारी ही नहीं उनसे जुड़े 60 से ज्यादा अधिकारी दोषी पाये जाएंगे।जांच के घेरे में 34 कृषि अधिकारी हैं, इनमें उपसंचालक कृषि से लेकर संयुक्त संचालक स्तर के अधिकारी शामिल हैं।

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तय वक्त पर जांच और कार्रवाई नहीं

बताते हैं कि करप्शन के आरोपी दो अफसर रिटायर हो चुके हैं। जबकि कृषि मंत्री के मुताबिक सामान्य प्रशासन विभाग का निर्देश हैं कि एक वर्ष की समय सीमा के भीतर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सवाल के जवाब में बताया कि अब तक 25 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, और उनकी वेतन वृद्धि रोकी गई है।

18 करोड़ के भ्रष्टाचार, 34 की जांच की गई थी शुरू

कृषि विभाग के 34 भ्रष्ट अधिकारियों (corrupt officer) के खिलाफ जांच (Investigation) करने के राज्य सरकार ने आदेश जारी कर दिये है। सरकार ने विशेष सचिव मुकेश बंसल (Special Secretary) को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। 34 भ्रष्ट अधिकारियों पर कृषि उपकरण और खाद बीज खरीदी (Seed Purchase) में 18 करोड़ (18 Crore) से ज्यादा का भ्रष्टाचार का आरोप है। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे के निर्देश के बाद मामले की जांच में तेजी आई है। जबकि डेढ़ साल से मामले की जांच ठंडे बस्ते में पड़ी हुई थी। और अधिकारी अपने पद में बने रहने के साथ ही प्रमोशन का लाभ ले चुके है। उम्मीद है कि जल्द ही जांच रिपोर्ट के बाद बकाया पर भी कार्रवाई होगी।

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ऐसा देते थे भ्रष्टाचार को अंजाम

पूरा मामला भंडार क्रय नियम के उल्लंघन का है जिसमें 18 करोड़ के कृषि विभाग में कृषि उपकरण और खाद बीज खरीदी हुई थी जिसमें अधिकारियों ने प्रदेश के लगभग सभी 27 जिलों (27 District) में करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया था. और इस पूरे मामले को भाजपा सरकार के दौरान तत्कालीन संचालक एमएस केरकेट्टा (MS Kerketta) ने दबाने का काम किया था लेकिन नई सरकार बनने के बाद मामले की जांच के आदेश दिये गये। अगर इमानदारी से आगे भी जांच होगी तो अन्य भ्रष्ट अफसर और उनके सहयोगी बेनकाब किये जा सकेंगे।

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