वर्दी में सजने वाले सितारों जैसे पंचकोणीय शेप में होगी नई स्पेशल जेल

0 ज़मीन, नक्शा, बजट और आर्किटेक्चर मॉडल तैयार पर निर्माण में देर

रायपुर। विशेष संवादाता। टीआरपी
राज्य की दो सबसे बड़ी जेल भी ओव्हरलोड हो चुकी हैं। बैरकों में कैदियों के लिए सोने की जगह भी पर्याप्त नहीं है। ऐसे में राज्य शासन ने रायपुर सेन्ट्रल जेल की नई स्पेशल बिल्डिंग का ड्रॉइंग-डिज़ाइन तैयार करवा लिया है। नवा रायपुर से लगे आरंग के गौढ़ी गांव में 85 एकड़ में बनने वाली स्पेशल जेल का मिनेचर मॉडल जेल अफसरों की वर्दी में लगने वाले स्टार की डिज़ाइन का होगा। अफसरों के कन्धों में सजने वाले फूल या स्टार के पांच कोणों की तरह अत्याधुनिक जेल बिल्डिंग का आकार होगा।

निर्माण के बाद तीन मंजिला सफ़ेद और लाल रंग के बॉर्डर में रंगी जेल बिल्डिंग की सुरक्षा भी तगड़ी होगी। हर कोण पर बिल्डिंग के बीचों बीच और उसके सेंटर में कुल 5 वॉच टॉवर भी होंगे। इसके अलावा पास ही वॉटर टैंक पर भी एक वॉच टावर होगा। जहां से सशस्त्र प्रहरी खतरे से निपटने तैयार होंगे। सर्च लाइट और तेज रौशनी से जेल में रात को भी दिन सा उजाला किया जा सकेगा। नई जेल के निर्माण के लिए स्थान, नक्शा, बजट स्वीकृति तक किया जा चुका है। लेकिन लोकनिर्माण विभाग और जेल विभाग अब तक इसके निर्माण कार्यों के लिए उस रफ़्तार से काम नहीं शुरू किया है जिसकी उम्मीद की जा रही थी।

अनुमानित खर्च 100 करोड़ होगा

प्रस्तावित नई स्पेशल जेल में राज्य से नक्सली, आतंकी गतिविधियों में लिप्त रहे आरोपियों को रखा जायेगा। जेल की कैदी क्षमता 5000 होगी। अभी रायपुर सेन्ट्रल जेल की कैदी क्षमता 1690 है पर 3200 से ज्यादा बंदी रखे गए हैं। औसत प्रति बंदी जेल बैरक में 41.80 वर्गमीटर जगह घेरता है। वर्तमान में कैदियों के पास अपर्याप्त जगह है। नई जेल बनते ही पुराणी जेल से 1500 के करीब बंदी-कैदी शिफ्ट किये जायेंगे।

150 साल पुरानी जेल

राजधानी रायपुर के हृदय स्थल में आबाद है डेढ़ सौ साल पुरानी जेल। रायपुर सेन्ट्रल जेल बिल्डिंग की ऐतिहासिकता देखते हुए जेल विभाग इसे संग्राहलय या ट्रेनिंग सेंटर, जेल एम्पोरियम के अलावा शहर के बिच में होने की वजह से सुरक्षित बिल्डिंग को खूंखार कैदियों को रखने के लिए भी यूज़ कर सकता है। लेकिन इस योजना पर तभी काम होगा जब जेल विभाग और पीडब्ल्यूडी जल्द से जल्द नई स्पेशल जेल बिल्डिंग का टेंडर, निर्माण के लिए कवायद तेज़ कर दे।

वर्जन
मैं दुर्ग के चार्ज में भी हूं और रायपुर का भी प्रभार दिया गया है। नई जेल निर्माण और कार्य प्रगति के सम्बन्ध में फ़िलहाल जानकारी लेकर ही बता पाऊंगा। वैसे अभी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
वाय.एस क्षत्रिय, जेल सुप्रीटेंडेंट रायपुर

Back to top button