IT रेड का दूसरा दिन : मंदिर की दान पेटियों और लकड़ी की आलमारी ने उगले कई राज

0 तीन जोड़ी कपड़े लेकर आए हैं सभी जांच अधिकारी
0 सरायपाली पेट्रोल पंप और बिलासपुर होटल से मचा था हल्ला

रायपुर। विशेष संवादाता। टीआरपी
एमपी-सीजी इन्वेस्टिगेशन विंग की कमांड और कोलकाता रीजन के आयकर सतर्कता विभाग की टीम छत्तीसगढ़ के लोहा और पावर प्लांट कारोबारियों के घर आज दूसरे दिन भी “कर अपवंचन” की पड़ताल करती रही। रायपुर, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, खरोरा,भिलाई और राजनांदगांव के अलावा कोलकाता तथा झारखंड के ठिकाने भी जांच के दायरे में आए उद्योगपतियों के ठिकानों को घेरे में लिया है।

बुधवार को सुबह 6 बजे से दी गई दबिश के दूसरे दिन IT की टीम कर चोरी के सबूत जुटाने में कामयाब रही। जानकारी के मुताबिक सिटी दफ्तर की बनिस्बत संचालकों के डायरेक्टरों और पार्टनर्स के फैक्ट्रियों और निवास से बड़ी संख्या में लूज़ पेपर्स व नकदी समेत ज्वेलरी मिली है। बताते हैं कि पहले दिन 45 से ज़्यादा ठिकानो में जांच दस्तों ने दबिश दी थी। इनमे सिर्फ 5 से 6 ठिकानों से टीम ने जांच कार्य समेट लिया है।

सूत्रों की मानें तो कारोबारियों की फैक्ट्रियों और प्लांट के परिसर में बने मंदिरों की दान पेटियों की भी जांच की गई है और घरों के भी कुछ गुप्त स्थानों से कच्चे के सौदे के सबूत मिले हैं। विभागीय अधिकारी पुख्ता आंकड़े रेड ख़त्म होने के बाद ही बताने की बात कर रहे हैं। लेकिन उन्हें उम्मीद है कि कार्रवाई में सब मिलाकर 200 से से 300 करोड़ के टैक्स चोरी मिलेगी।

यहां देर शाम तक चली खोजबीन

धनकुल स्टील, एचआरएस री-रोलर्स उरला, निर्माण टीएमटी, भवानी मोलडर्स, मारुती फेरो एलॉयज, ग्रेविटी स्पंज, फेरोज़ एंड पावर, खरोरा रोड में नूतन आयरन उद्योग, संचालकों के घरों लग्जोरा मोवा, फरिश्ता काम्प्लेक्स सिटी दफ्तर, वालफोर्ट सिटी, मारुती सोलिटेयर, रोमेन्स्क्यू और लभांडी में जांच जारी थी। ग्रेवेटी फेरोस के पार्टनर धीरज सुराना पचपेढ़ी नाका रायपुर के घर, सुनील अग्रवाल, विकास अग्रवाल का घर अनुपम नगर व विरेन्द्र सुराना का खम्हारडीह, मारुती सॉलिटियर के घर में छापे की करवाई हुई है। भवानी मोल्डर्स भी सुनील और विकास अग्रवाल का ही है। मारुती फेरोस, सिलतरा में है और इसके डायरेक्टर खेतान हैं, जबकि नूतन इस्पात विधानसभा रोड में है, इसका ऑफिस फरिश्ता अपार्टमेंट में है। निर्माण टीएमटी के 4 डायरेक्टर और इनकी कंसर्न कम्पनी मशरूम प्लांट व राईस मिल में भी खोजबीन चली।

तैयारी 3 दिन की, और चंद घंटों में हो गई लीक

एमपी-सीजी की सतर्कता टीम में भोपाल, ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर समेत कोलकाता की पूरी टीम को पहले ही 3 से 4 जोड़ी कपड़े रखने को बोल दिया गया था। रायपुर सुबह धावा बोलना था इसलिए बिलासपुर के आउटर की होटल और भिलाई में टीम को रोका गया था। इसी तरह आला अधिकारी नवा रायपुर की होटल में रुके थे। महासमुंद की ओर से आई टीम का काफिला एक पेट्रोल पंप में फ्यूल के लिए पहुंचा तो इन जगहों से ही हल्ला मच गया था। हालांकि कब कहां और किसके घर दबिश होगी यह नहीं मालूम था पर टीम के मूवमेंट की खबर लीक हो चुकी थी और सभी बिजनेसमैन चौंकन्ने थे।

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