IT का छापा

रायपुर। आज सुबह जगदलपुर में माइनिंग विभाग के उप संचालक एसएस नाग के यहां IT की छापेमारी के बाद विभाग के चार और अधिकारियों के यहां भी छापे की खबर आयी। इन छापों से विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है

आयकर विभाग की आज सुबह जगदलपुर में DDM एसएस नाग के यहां छापे की खबर के बाद अंबिकापुर में सहायक खनिज अधिकारी बजरंग सिंह पैकरा के सरकारी निवास पर छापा मारे जाने की खबर आम हुई। इस बीच सेवानिवृत्त खनिज अधिकारी एनके सूर के बिलासपुर स्थित मकान में छापे की खबरें आने लगी। इन सूचनाओं के बाद पूरे प्रदेश में पदस्थ खनिज विभाग के अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया। एनके सूर बतौर जिला खनिज अधिकारी जांजगीर-चांपा जिले से इसी वर्ष के प्रारम्भ में सेवानिवृत्त हुए हैं।

एनके सूर का बिलासपुर स्थित मकान

आयकर विभाग की कुछ अन्य टीमों ने खनिज विभाग में पदस्थ सूरजपुर के संदीप नायक, बलरामपुर के अवधेश बारिक के यहां भी छापे की कार्रवाई की। जगदलपुर के डिप्टी डायरेक्टर माइनिंग शिव शंकर नाग के घर आयकर विभाग ने सुबह-सबेरे छापा मारा। गुरुवार को सुबह-सुबह उनके ठिकानों को घेरा गया। आयकर अफसरों ने उनके मकान और कलेक्ट्रेट स्थित ऑफिस को भी जांच के दायरे में लिया है।

See also  नाफेड से दाल खरीदी को लेकर जेल मुख्यालय का स्पष्टीकरण, अगस्त से बंद हुई खरीदी

खनन वाले जिलों में रहे पदस्थ

2008-9 बेच के माइनिंग ऑफिसर नाग अपने 18 साल के कैरियर में हर उस जिले में पदस्थ रहे जहां खनन अधिक होता है। इनमें बलौदा बाजार, राजनांदगांव, रायगढ़ और कोरबा और अब जगदलपुर शामिल है। उन्होंने रायगढ़ और कोरबा में सर्वाधिक 8 वर्ष गुजारा। बताया जाता है कि नाग के परिवार के कई सदस्य भी खनिज के काम में लगे हुए हैं।

इनके अलावा अंबिकापुर के माइनिंग ऑफिसर बजरंग पैकरा बलरामपुर के अवधेश बारिक, सूरजपुर के संदीप नायक के यहां भी छापेमारी चल रही है। इनमें संदीप नायक हाल ही में कोरबा से अंबिकापुर भेजे गए थे। वहीं रायपुर में करीब 6 साल तक खनिज निरीक्षक रहे अवधेश बारिक बलरामपुर में पदस्थ हैं।

माइनिंग ऑफिसर बजरंग पैकरा का अंबिकापुर स्थित आवास

पता चला है कि ये टीमें स्टील कारोबारियों के यहां छापा मारने आयी टीम के साथ रायपुर आई थीं और उनके साथ ही होटल में ठहरे थे, माइनिंग अफसरों के यहां कार्रवाई दिल्ली से आए आईटी अफसर कर रहे हैं।

See also  4 नवंबर को जगदलपुर आ रहे हैं राहुल गांधी

इन छापों के बाद आलम ये है कि खनिज विभाग के बड़े अधिकारी मिडिया से जुड़े लोगों के फोन भी नहीं उठा रहे हैं। इन छापों में IT की टीमों के हाथ क्या लगा, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आ सकी है।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर