रायपुर। सुप्रीम कोर्ट में आज छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित NAN घोटाले की सुनवाई होनी थी, मगर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के किसी और जगह व्यस्त होने के चलते सुनवाई की तिथि एक हफ्ते आगे बढ़ा दी गई है।

गौरतलब है कि ED ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके NAN घोटाले के आरोपी IAS अलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा को रिमांड पर लेने की मांग की थी। साथ ही यह अनुरोध भी किया है कि इस मामले की सुनवाई छत्तीसगढ़ से बाहर करने की अनुमति दी जाये। फ़िलहाल इस मामले की सुनवाई एक हफ्ते के लिए टल गई है।

ACB ने की थी कार्रवाई

भाजपा के शासनकाल में साल 2015 में पीडीएस में 36 हजार करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया था। एसीबी ने 12 फरवरी को 28 जगहों पर छापामार कार्रवाई की थी। यह छापा मार कार्रवाई नान के अधिकारियों और कर्मचारियों के ठिकाने पर की गई थी। इस दौरान करोड़ों रुपये नगद बरामद किए गए थे। इसके साथ ही भ्रष्टाचार से संबंधित कई दस्तावेज, डायरी और हार्ड डिस्क बरामद किया गया था।EOW भी इस कार्रवाई में शामिल रही और इस मामले में नान के तत्कालीन एमडी अनिल टुटेजा और खाद्य सचिव डॉ आलोक शुक्ला को भी आरोपी बनाया गया।

मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया ED ने

इस बीच छत्तीसगढ़ में सरकार बदली और जनवरी साल 2019 में ईडी ने आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर लिया। ईडी ने नोटिस जारी कर दोनों आरोपियों से दिल्ली में पूछताछ भी की। जिसके बाद गिरफ्तारी की आशंका से दोनों IAS अधिकारियों ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत ले ली। इस दौरान डॉ आलोक शुक्ला सेवानिवृत्त हो गए मगर राज्य सरकार ने उन्हें संविदा नियुक्ति दी है। वे वर्तमान में प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा, रोजगार मिशन के सीईओ के पद पर पदस्थ हैं। उधर अनिल टुटेजा उद्योग विभाग के सचिव के पद पर पदस्थ हैं। सभी की नजर आज ED की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर है। 

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