0 भाजपा और कांग्रेस में धर्मजीत को लेकर बयां तेज़, धर्मजीत ने कहा कहीं न कहीं तो जाना पड़ेगा न, ऐसे चौराहे पर तो नहीं बैठूंगा समय आने पर सबको बताऊंगा

विशेष संवादाता, रायपुर
जनता कांग्रेस जोगी अब टूट चुकी है। अचानक लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह को 6 साल के निष्कासन और आरोपों को लेकर सीजेसीजे प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी और विधायक धर्मजीत सिंह के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया है। अमित ने धर्मजीत के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए निष्कासन की वजह पार्टी लाइन के बाहर जाकर काम करना बताया। अमित ने यह भी कहा कि अमित जोगी ने कहा, मेरे संस्कार मुझे यह अनुमति नही देते कि मैं अपने वरिष्ठजनों विशेषकर वो जो मेरे पिता की राजनीतिक छाया में पले बढ़े, उनकी किसी भी बात पर उनके विरुद्ध कुछ कहूं। माननीय अजीत जोगी ने छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़े वर्गों तथा समाज के गरीब और दबे कुचले लोगों के उत्थान के लिये जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) का गठन किया था। लेकिन पार्टी के अस्तित्व को मिटाने और छत्तीसगढ़ की अस्मिता को कुचलने के लिए जो षड्यंत्र रचा गया, उसको देखते हुए पार्टी के पास ठाकुर धर्मजीत सिंह जी पर कार्यवाही करने के अलावा कोई विकल्प नही बचा था। दुख केवल इस बात का है कि धर्मजीत चाचा को क्षेत्रीय स्वाभिमान छोड़कर, छत्तीसगढ़ का एकनाथ शिंदे बनना ज्यादा रास आया। मेरे विरुद्ध अनाप-शनाप बात आदरणीय ठाकुर धरमजीत सिंह जी नही बल्कि उनके अंदर का एकनाथ शिंदे बोल रहा है।
अमित के इंकार के बाद धर्मजीत सिंह ने कहा कि आठ सितम्बर को अमित जोगी ने एक और संदेश भेजा। लिखा-मम्मी की अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण भावना में बहकर आपसे कुछ अनुचित बात हो गई। उसके लिए मैं सदैव आपका क्षमा प्रार्थी रहुंगा। पापा के बाद आप ही हमारे परिवार के मुखिया है। आशा करता हूं कि आप मेरी गलती को क्षमा करेंगे। उसके बाद रेणु जोगी का मैसेज आया। उन्होंने लिखा – आज के घटनाक्रम के लिए मैं अपने परिवार की ओर से हार्दिक खेद प्रकट कर रही हूं। अमित के दुर्व्यवहार के लिए मैं स्वयं बहुत दुखी और शर्मिंदा हूं। आपसे माफी मांगती हूं। आशा है आप हमें क्षमा करेंगे। इन सब बातों पर पर्दा डालने के लिए अमित जोगी ने मुझपर सांठगांठ का आरोप लगाया है। मैंने तो उसी दिन तय कर लिया था कि ऐसे लोगों से बातचीत करना अथवा वास्ता रखना ठीक नहीं है। धर्मजीत सिंह ने कहा, अब उस पार्टी में गिने-चुने दो-तीन लोग बचे हैं। जितनों को निकालना है निकाल लो। अमित का झूठ-सच उन्हें किया गया वाट्सअप मेसेज से साफ हो जाता है कि वो कितने सच्चे हैं।
धर्मजीत सिंह ने कहा, अमित जोगी की जितनी उम्र है उससे अधिक साल से मैं राजनीति कर रहा हूं। छह बार विधानसभा का चुनाव लड़ा हूं। चार बार का विधायक हूं। दो बार सर्वेश्रेष्ठ विधायक का सम्मान विधानसभा से मिला है। अमित जैसे व्यक्ति को उम्र की मर्यादा नहीं। महिलाओं के प्रति उसके मन में सम्मान नहीं। धर्मजीत सिंह ने कहा, एक व्यक्ति उनकी पत्नी से ऐसे बदतमीजी से बात करे तो ऐसी विधायकी को मैं 100 बार ठुकराना पसंद करुंगा लेकिन सम्मान से समझौता नहीं। उन्होंने कहा, मैं उसका गुलाम नहीं हूं। जो करना है खुलेआम करुंगा। अब कहीं न कहीं तो जाना पड़ेगा न। ऐसे चौराहे पर तो नहीं बैठा रहूंगा। जहां भी जाउंगा खुलेआम जाउंगा। सबको बताकर जाउंगा।

शर्मा बोले, मुझे तो वॉट्सएप में कई बार निष्कासित कर चुके

amit jogi ka dharamjeet singh ko bheja watsap msg.

विधायक प्रमोद शर्मा ने कहा, अमित जोगी बेहद वाहियात आदमी हैं। वे सोए-सोए, बाथरूम में बैठकर फैसला लेते हैं। उन्होंने वॉट्सएप संदेश में मुझे ही कई बार पार्टी से निष्कासित किया है। मैं मुहफट आदमी हूं तोक पलटकर जवाब दे देता हूं। पिछले दिनों उन्होंने ऐसा ही एक संदेश भेजा। मैंने पलटकर लिख दिया – पागल हो गए हो क्या बे? उसके बाद बात वहीं खत्म हो गई। धर्मजीत भइया ऐसा नहीं बोले तो उनका लेटर जारी कर दिया।