0 बॉलीवुड और स्पोर्ट्स स्टार उकसा रहे गेमिंग एप के लिए दांव लगाने, उर्वशी रौतेला, बिपाशा, नील नितिन मुकेश और नवाज़ुद्दीन कर रहे विज्ञापन

विशेष संवादाता, रायपुर
सट्टा, जुआ, ऑनलाइन गेमिंग एप का गोरखधंधा इतना फल-फूल गया है कि अब लोकप्रिय बॉलीवुड स्टार्स समेत क्रिकेट खिलाड़ी इसका विज्ञापन कर रहे हैं। ख़ुशी ख़ुशी घर बैठे बैट लगाने और लाखों रूपये कमाने का लालच भी देने से बाज़ नहीं आ रहे हैं। कोरोना काल के दौरान घर बैठे ऑनलाइन ने रफ़्तार पकड़ा था। क्रिकेट, फुटबाल और रोलेक्स, कसीनो, अंदर-बाहर, तीन पत्ती समेत 10 गेमिंग एप में दांव लगाने और लाखों कमाने के लिए दो नए एप बाजार में लांच हुए हैं। मज़े की बात यह कि पहले से ही महादेव बुक, रेड्डी बुक के अलावा अब अडानी और अंबानी ऑफिशियल बुक के नाम से नया ऑनलाइन गेमिंग एप तेज़ी से पैर फ़ैलाने लगा है। सिर्फ दांव लगाने के लिए ही नहीं बलकि अभिनेता, अभिनेत्रीयां और फेमस खिलाडी पैसे जमाकर आईडी भी बुक करने की अपील करते दिख रहे हैं। बता दें इन गेमिंग एप से जुड़ने के लिए सीधे तौर पर स्थाई पता नहीं बलकि मोबाइल नंबर फ्लैश करते हैं। अभिनेता नील नितिन मुकेश तो बाकायदा अडानी ऑनलाइन गेमिंग एप की टी-शर्ट पहना है तो बिपाशा बासु अपने कातिलाना अंदाज़ में अंबानी में दांव लगाकर खूब पैसे कमाने को बोलती दिख रही हैं। अंतराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाडी युसूफ पठान समेत देश-विदेश के खिलाडियों की फोटो इंस्टाग्राम में है। इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंज़र से लेकर यूट्यूब में भी गेमिंग एप का विज्ञापन पुरे शबाब पर है।

जहां वैध, उन देशों को बनाया ठिकाना

दुबई समेत गल्फ और कुछ यूरोपियन देशों में जहाँ ऑनलाइन सट्टा वैध हैं वहां इन गेमिंग एप वालों ने अपना ठिकाना बनाया हुआ है। इन देशों में पूरा सेटअप और दिन-रात 24 घंटे दांव लगाने के लिए स्टाफ भी रखा है। इन्हीं देशों से ये भारत में भी सट्टा प्रेमियों खासकर युवा वर्गों को निशाना बना रहे हैं। मोबाइल और गेमिंग साइड पर 500 से 1000 और नो लिमिट यानि लाखों रूपये तक का दांव लगाया जा रहा है।

कई हज़ार करोड़ की कमाई वाला धंधा

सूत्रों की मानें तो ऑनलाइन एप का कारोबार 35000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है। इन गेमिंग एप में चर्चित नामों की आईडी लेने वालों की कतार लग गई है। लगवाल यानि पैसा लगाकर दांव लगाने वाले अकेले महादेव एप में दुनियाभर से करीब 25000 होंगे। खेलने वालों के अलावा आईडी लेकर देशभर में इके आईडी धारकों की संख्या 12000 से ज्यादा होगी। बड़ी रकम हवाला और छोटी रकम विभिन्न एजेंटों के खातों के माध्यम से अदा की जाती है। बुक संचालक से लेकर आईडी चलने और आईडी वाले अपनी आईडी पर दांव लगाने का कमीशन भी फिक्स रक्खे हैं।

पुलिस को आ रही तकनिकी दिक्कतें

सालभर बाद राजधानी पुलिस ने ऑनलाइन गेमबाज़ों की बड़ी टोली को पकड़ने में कामयाब हुई है। लेकिन यह सफलता नाममात्र ही है। क्योंकि जिन्हे दो दिन के अभियान में दबोचा गया है वो इस कारोबार के मामूली से प्यादे हैं। महादेव और रेड्डी बुक के करीब 63 लोगों को पकड़ा तो है पर उसके संचालक तक पहुंचना तो दूर उनके खिलाफ अब तक नामजद अपराध दर्ज नहीं किया है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई के सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई में हैं। मज़े की बात ये कि पुलिस के पास इन दोनों की फोटो तक नहीं है। सबसे बड़ी दिक्कत ऑनलाइन गेम की आईडी, मोबाइल लैपटॉप से जगह बदल बदलकर संचालित करते है बुकी इसलिए पुलिस का इन तक पहुंचना मुमकिन नहीं हो पाता। फिर विभागीय उदासीनता और जान-पहचान भी कार्रवाई को औपचारिकता तक ही सिमित रखे है।