neither remand nor bail straight to jail - रोते हुए निकलीं सुनील की पत्नी, बाकि सब थे सामान्य
neither remand nor bail straight to jail - रोते हुए निकलीं सुनील की पत्नी, बाकि सब थे सामान्य

विशेष संवादाता, रायपुर

छत्तीसगढ़ में कोयला परिवहन में अवैध लेवी और मनी लांड्रिंग के आरोपों में गिरफ्तार किए गए कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, आईएएस समीर विश्नोई, लक्ष्मीकांत तिवारी और सुनील अग्रवाल को 12 दिन की न्यायिक रिमांड में भेज दिया गया है। स्पेशल जज अजय सिंह राजपूत ने यह फैसला देर शाम सुनाया है। इस फैसले के बाद कोयला कारोबारी सुनील की पत्नी जेल से रोते हुए बाहर निकलीं। उनके साथ परिजन भी थे। लेकिन अन्य आरोपियों में सुनील अग्रवाल और आईएएस समीर बिश्नोई ही आहत दिखे बाकि के चेहरों पर कोई शिकन नहीं थी।

इससे पहले बचाव पक्ष की ओर से ईडी की कार्रवाई पर सवाल किए गए हैं और जमानत की मांग की गई है। ईडी ने अपनी कार्रवाई को जायज ठहराया है और जमानत का विरोध किया है। दोनों पक्षों के बीच बहस हो चुकी थी, लेकिन काफी देर बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया। गुरुवार को सूर्यकांत सहित अन्य आरोपियों की ओर से जमानत की मांग की गई थी। ऐसा नहीं होने की स्थिति में हाउस अरेस्ट की मांग की गई थी। आरोपियों की ओर से कर्नाटक हाईकोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया गया था, जिसमें बेंगलुरु में दर्ज केस की जांच पर रोक लगाई है।

See also  Fake Person Arrest To Get Rid of ED - फर्जी शख्स गिरफ्तार, कोयला कारोबारी के परिजनों से ठगा 20 लाख रूपये

आरोपियों की ओर से वकीलों ने बहस की थी, जिसके बाद ईडी का जवाब आना था। इसके लिए ईडी ने एक दिन का वक्त मांगा था। आज ईडी की ओर से जवाब पेश किया गया। ईडी ने मामले की गंभीरता का उल्लेख कर अपनी कार्रवाई को सही बताया। साथ ही, जमानत का भी विरोध किया। आखिरकार स्पेशल कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने और उनके जवाब को पढ़ने के बाद आधा घंटे बाद शाम 6 बजे के करीब फैसला सुनाया। स्पेशल कोर्ट के जज अजय सिंह राजपूत ने ईडी को किसी की रिमांड भी नहीं दी और न ही बचाव पक्ष के हाउस अरेस्ट और जमानत पर फैसला सुनाया। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 12 दिन की न्यायिक अभिरक्षे में जेल भेजने का निर्णय सुनाया।