विशेष संवादाता, रायपुर

बच्चे मन के सच्चे.. सारे जग के आँख के तारे..। कुछ इन्हीं संवेदनशीलताओं के साथ आज चाचा नेहरू की याद में प्रदेश के बच्चों ने बाल दिवस Children’s Day सेलिब्रेट किया। हर किसी ने अपने ही अंदाज़ में बाल दिवस मनाया। कुल मिलकर नौनिहालों के इस खास दिन को मज़ेदार और यादगार बनाने के लिए कुछ खास किया गया। जैसे दंतेवाड़ा में नन्हे दिव्यांश को एक दिन का CMO बना उसे डॉक्टर बनने का जज्बा जगाया गया तो जांजगीर में दिव्यांग स्कूल पहुंचकर कलेक्टर-एसपी ने मिठाइयां खिला और उनके साथ समय बिताकर उन्हें बधाई दी।

इसी तरह राजधानी रायपुर की सबसे ऐतिहासिक शासकीय स्कूल जे एन पांडे स्कूल में बच्चों को थाना सिटी कोतवाली स्टाफ द्वारा थाना भ्रमण एवं थाना के कार्यों के बारे में बाल दिवस के उपलक्ष में अवगत कराया गया। थाना पहुंचे बच्चे भी खाखी के बीच पहुंचे तो जरा सकुचाये लेकिन थाना स्टाफ ने उन्हें जल्द ही यह समझाया पुलिस उनकी रक्षक है। बच्चों को पुलिस थाना कोतवाली की कार्यशैली भी बताई कि पुलिस काम कैसे करती है।

कुछ इन्हीं संवेदनशीलताओं के साथ जिले के कलेक्टर और एसपी आज अचानक से शासकीय बहुदिव्यांग विद्यालय सह छात्रावास में मानसिक रुप से निशक्त बच्चों के बीच बाल दिवस मनाने पहुँच गए। ठीक से बोल, सुन और चल नहीं पाने वाले बच्चों को जब कलेक्टर और एसपी के हाथों चाकलेट, मिठाईयां, गिफ्ट सहित प्रथम प्रधानमंत्री स्व जवाहरलाल नेहरू के प्रिय गुलाब के फूल मिले तो उन्हें एक अलग ही सम्बल मिला।

दंतेवाड़ा में यूनिसेफ के सहयोग से आज स्वास्थ्य विभाग के द्वारा दंतेवाड़ा के रहने वाले दिव्यांशु ताती को एक दिन का मुख्य चिकित्सा अधिकारी बनाया गया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री सुभाष सुराना की उपस्थिति में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर पुजारी ने दिव्यांशु को अपनी कुर्सी पर बैठाया तथा उसे बाल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की। दिव्यांशु से पूछे जाने पर उसने कहा कि वह बड़ा होकर डॉक्टर बनना चाहता है