मुंबई।  विश्वविद्यालय  में प्रवेश लेने के नियमों में कई तरह के बदलाव किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए है। सरकार के इसी ऐलान के साथ कॉलेज में नामांकन लेते समय अब वोटर कार्ड रखना अनिवार्य होगा। ऐसे में अगर आपकी भी उम्र 18 साल या उससे ऊपर की हो गयी है तो आपके पास वोटर आई-कार्ड होना जरूरी है। जानकारी हो अब इसके बिना महाराष्ट्र के कॉलेजों में एडमिशन नहीं ले पाएंगे।

विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर की बैठक में हुआ निर्णय
बता दें कि युवावर्ग को मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए राज्य सरकार की ओर से यह निर्णय लिया गया है । बता दें कि महाराष्ट्र उच्च एवं तकनीकि शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने राज्य सरकार के इस निर्णय की घोषणा की है । जानकारी हो कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने महाराष्ट्र के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर की बैठक बुलाई थी । इसमें महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे । इसी बैठक में इन नए नियमों का ऐलान किया गया।

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कॉलेज में बनाया जाए इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब
साथ ही राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त ने भी सभी विश्वविद्यालयों से अपील करते हुए कहा है कि कॉलेज में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब बनाया जाए ताकि छात्र चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बन सकें । जानकारी हो कि वोटर कार्ड वाले निर्णय के अलावा एक अन्य जरूरी फैसला लिया है । सरकार ने 3 साल के ग्रेजुएशन को खत्म करने निर्णय लिया है । महाराष्ट्र सरकार ने ऐलान किया है कि अगले एकेडेमिक ईयर से डिग्री कोर्स चार साल के होंगे । केंद्र सरकार की नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत इसे लागू किया जा रहा है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति में चार साल के स्थानक डिग्री कोर्स का प्रावधान
जानकारी हो कि केंद्र सरकार की ओर से 2020 में लाई गयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में चार साल के स्थानक डिग्री कोर्स का प्रावधान है । साथ ही इस नीति में हर साल में विद्यार्थियों को एग्जिट ऑप्शन देने का भी नियम है। विद्यार्थियों को एक साल पूरा करने पर सर्टिफिकेट, दूसरे साल पर डिप्लोमा इसी तरह चार साल पूरे करने पर डिग्री दी जाएगी । साथ ही विद्यार्थी कभी भी अपना कोर्स छोड़ सकते है और पुनः इसे वापस ज्वाइन कर सकते हैं । महाराष्ट्र सरकार जल्द इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन तैयार करेगी।

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