नई दिल्ली। महंगाई बढ़ने पर करेंसी की वैल्यू घटती है, जबकि सोने की बढ़ती है। इसके अलावा अनिश्चितता के बीच सुरक्षा के लिए भी गोल्ड रिजर्व रखा जाता है। रिजर्व बैंक ने बीते कुछ वर्षों में ताबड़तोड़ सोना खरीदा है। अप्रैल 2020 से सितंबर 2022 के बीच आरबीआई  ने 132.34 टन सोना खरीदा। इस दौरान दुनिया के किसी भी केंद्रीय बैंक ने इतना सोना नहीं खरीदा। वहीं 2022 में 17.46 टन खरीदारी के साथ आरबीआई दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा गोल्ड खरीदार है। भारतीय रिजर्व बैंक गोल्ड रिजर्व के मामले में सितंबर 2022 तक 785.35 टन के साथ नौवें स्थान पर रहा। 1 अप्रैल 2018 से लेकर 30 सितंबर 2022 के बीच आरबीआई अपने गोल्ड भंडार में 225.03 टन की बढ़ोतरी की। सितंबर तिमाही में दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने 400 टन से ज्यादा सोना खरीदा, जो 1 साल पहले की तुलना में 4 गुना है। इस साल 17.46 टन सोना खरीदकर आरबीआई  दुनिया का तीसरा बड़ा गोल्ड खरीदार रहा।

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दुनियाभर के सेंट्रल बैंक क्यों खरीद रहे गोल्ड?
डॉलर में बेतहाशा मजबूती के बाद दुनियाभर के केंद्रीय बैंक सोना खरीद रहे हैं। आरबीआई सहित ज्यादातर देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोना खरीदने की मुख्य वजह महंगाई से निपटने की रणनीति है।