CM Bhupesh's Befitting Reply To BJP - CM बोले धर्मांतरण पर बहस के लिए तैयार, निवेश में हम बेहतर
CM Bhupesh's Befitting Reply To BJP - CM बोले धर्मांतरण पर बहस के लिए तैयार, निवेश में हम बेहतर

विशेष संवादाता, रायपुर

बिजली बिल में वृद्धि बीसीए के रूप में हुई है। मख्यमंत्री ने बताया बिजली तीन जगहों से खरीदी जाती है। एक भारत सरकार दूसरा एंटीपिसी से और तीसरा बाजार से। अभी एनटीपीसी ने अपना रेट बढ़ा दिया है क्योंकि ईंधन की कीमतें बढ़ी है। कोयला और डीजल दोनों ही ईंधन है जिसके रेट में वृद्धि होने की वजह से बिजली बिल में वृद्धि हुई है। ट्राइंसपोर्टिग चार्ज भी लगातार बढ़ा है। विदेशी कोयले के रेट में भी लागतार वृद्धि हुई है। मख्यमंत्री ने पूरे मामले पर भारत सरकार को ठहराया जिम्मेदार। ट्रेनों को बंद किए जाने का भी लगाया आरोप, मुख्यमंत्री ने कहा इस वृद्धि से प्रदेश के लोगो को लगातार पड़ रही है दोहरीमार।

राजभवन से फिर भेजे गए सवाल पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बड़ा बयान, संविधान की वयवस्था है जिसके माध्यम से राजभवन से सवाल पूछे जा रहे है। 166 के ख में उल्लेख है की राज्यपाल जानकारी दे वह स्टेज अब पूरा हो गया है। विधानसभा में पारित होने के बाद बिल राजभवन में जाता है। इसमें तीन स्टेज है या तो वो विधानसभा को लौटा दे, या राष्ट्रपति को भेज दे या आरक्षित रख ले। यह प्रापर्टी विधानसभा की है और अब बिल भी पारित हो गया है तो इसे डिले करने का कोई ओचित्य नही है।

See also  चंदे का हिसाब देने से अगर 'रामहित' प्रभावित होता है तो 'जनहित' में पनामा का ही हिसाब दें रमन सिंह- कांग्रेस

मख्यमंत्री का बड़ा बयान , एकात्म परिसर से जो 10 सवाल आए है मैने उसका भी जवाब दे दिया है। प्रदेश के हितों को ध्यान रखते हुएं मैने उत्तर दे दिया है, लेकिन केवल राज्यपाल की हठधर्मिता सामने आ रही है। जो बात राज्य सरकार और राजभवन के बीच है उसे प्रेस रिलीज के माध्यम से सामने ला रहे है। मख्यमंत्री ने राज्यपाल से दुबारा कि अपील राज्यपाल हस्ताक्षर करे। मख्यमंत्री ने कहा यह हठधर्मिता ठीक नहीं है उन्हें अपनी हठ धर्मिता छोड़नी चाहिए। राज्यपाल के स्टैंड पर कहा जबरदस्ती शांत प्रदेश को प्रदर्शन की ओर लेकर जा रही है।

मख्यमंत्री का बृजमोहन अग्रवाल के बयान पर पलटवार

भाजपा विरोध में क्यों अड़ गई है। बृजमोहन अग्रवाल ने आखिरकार राज्यपाल को हस्ताक्षर करने के लिए क्यों नही कुछ कहा ताकि कई भर्ती प्रक्रिया जो रुकी हुई है वो पुनः शुरू हो पाए।