नई दिल्ली । दिल्ली आबकारी नीति मामले में नए घटनाक्रम में सीबीआई ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के कार्यालय से एक कंप्यूटर जब्त किया है, सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सिसोदिया के कार्यालय पहुंचने से पहले सीबीआई ने सीआरपीसी की धारा 91 के तहत नोटिस दिया था। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई को जांच के लिए कंप्यूटर की जरूरत थी, वह इससे कुछ जानकारियां हासिल करना चाहती है।


सीबीआई के एक सूत्र ने कहा, कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद हमने कंप्यूटर को जब्त कर लिया है। सबूतों के साथ छेड़छाड़ की संभावनाएं हैं और इसलिए हमने इसे जब्त कर लिया है। सूत्र ने कहा कि सीबीआई जब्त कंप्यूटर को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भेज सकती है। सूत्र ने यह भी दावा किया कि सीबीआई कुछ ‘डिलीट’ किए गए डेटा तक पहुंच बनाना चाहती है, जिसके लिए वह एफएसएल की सहायता ले सकती है। सीबीआई की टीम शनिवार दोपहर सिसोदिया के दफ्तर गई थी।

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जबकि सिसोदिया ने दावा किया कि सीबीआई ने उनके कार्यालय पर छापा मारा, केंद्रीय जांच एजेंसी ने दावे से इनकार किया। सीबीआई के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यह केवल कुछ तथ्यों को सत्यापित करने के लिए किया गया दौरा था। सिसोदिया ने ट्वीट किया- आज फिर सीबीआई मेरे द़फ्तर पहुंची है। उनका स्वागत है।

इन्होंने मेरे घर पर रेड कराई, द़फ्तर में छापा मारा, लॉकर तलाशे, मेरे गांव तक में छानबीन करा ली। मेरे खिलाफ न कुछ मिला हैं न मिलेगा क्योंकि मैंने कुछ गलत किया ही नहीं है। ईमानदारी से दिल्ली के बच्चों की शिक्षा के लिए काम किया है। पिछले साल नवंबर में, सीबीआई ने कथित शराब नीति घोटाले के संबंध में चार्जशीट दायर की थी, लेकिन इसमें सिसोदिया का नाम नहीं था, हालांकि इस मामले में पहले दर्ज की गई प्राथमिकी में उनका नाम था। सूत्र ने कहा कि जांच एजेंसी इस मामले में पूरक आरोप पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया में है जिसके लिए वह और साक्ष्य जुटाना चाहती है।

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