नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उनके मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान 2002 के गुजरात के दंगों से संबंधित बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री इंडिया द मोदी क्वेश्चन बिना इजाजत दिखाए जाने का विवाद दिल्ली विश्वविद्यालय और अंबेडकर विश्वविद्यालय के परिसरों तक पहुंच गया। दिल्ली विश्वविद्यालय में डॉक्यूमेंट्री दिखाने की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं विद्यार्थियों के साथ झड़पें हुईं। सूत्रों ने बताया कि डॉक्यूमेंट्री दिखाने का प्रयास कर रहे हैं करीब 25 विद्यार्थियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। कानून व्यवस्था व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

इससे पहले 25 जनवरी को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और जामिया मिल्लिया इस्लामिया में तनाव को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने दोनों केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसरों के आसपास सुरक्षा और बढ़ा दी थी।जेएनयू में मंगलवार की रात डॉक्यूमेंट्री का वीडियो बिना इजाजत दिखाए जाने के विरोध में पथराव की शिकायत करते हुए छात्रों के एक दल ने विरोध प्रदर्शन किया था। सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो क्लीपिंग में कुछ छात्र पथराव के लिए छात्र संगठन एबीवीपी को दोषी ठहरा रहे थे, लेकिन इस छात्र संगठन ने इसका खंडन किया है।

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जेएनयू छात्र संघ ने सोमवार को कहा था कि वे ‘इंडिया : द मोदी क्वेश्चन’ की मंगलवार शाम को स्क्रीनिंग आयोजित करेंगे जबकि सरकार ने इस डॉक्यूमेंट्री को भारत में प्रतिबंधित कर दिया था।