KHULE ME DHARNA

रतनपुर। सरकारी अमले की अनदेखी का शिकार एक बुजुर्ग जब अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठा, तब तहसीलदार ने टेंट संचालक को जेल भेजने की धमकी देकर टेंट हटवा दिया। अब यह बुजुर्ग खुले आकाश के नीचे बैठकर धरना देने को मजबूर है।

गांधी और उसके विचारों को लेकर ग्राम स्वराज लाने की दिशा में चल रही कांग्रेस की सरकार के राज में सरकारी अधिकारी किस हद तक बेलगाम हो चले हैं, उसका नमूना बिलासपुर जिले के रतनपुर स्थित तहसील कार्यालय में देखने को मिला। यहां शांतिपूर्वक शुरू किए गए धरना-प्रदर्शन को रतनपुर तहसीलदार के द्वारा तानाशाही तरीके से कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। तहसीलदार ने धमका कर तहसील कार्यालय परिसर में लगाए गए टेंट को हटवा दिया है। वहीं आंदोलनकारी सामाजिक कार्यकर्ता को खुले आसमान के नीचे धूप में धरना देना पड़ रहा हैं।

जनहित के मुद्दों को लेकर संघर्ष

नारायण प्रसाद यादव नामक यह बुजुर्ग भूतपूर्व सरपंच है और गांव की समस्याओ को लेकर वह अक्सर जिलाधीश से लेकर अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से मिलकर ज्ञापन सौंपता है। नारायण प्रसाद यादव ने बताया अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यायल कोटा व तहसीदार रतनपुर में कई मामले लंबित है। उसके संदर्भ में पूर्व में कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन किया गया है। आनलाईन दर्ज नहीं होने के कारण आवेदन कहां दबा है, पता नहीं चलता है। कलेक्टर द्वारा संबंधित अधिकारी को रिमार्क कर अग्रेसित किया जाता है। संबंधित कार्यायल में जाकर अग्रेसित आवेदन पत्र के बारे में पूछने पर जानकारी नहीं दी जाती हैऔर समस्या जस की तस बनी रहती है। आवेदन पर उचित कार्यवाही नहीं होने पर उसके द्वारा न्यायहित जनहित में तहसील कार्यालय रतनपुर के सामने 6 फरवरी से सर्वदलीय मंच के माध्यम से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने की सूचना संबंधित कार्यालयों में दी गई थी।

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पहले दिन टेंट में, दूसरे दिन खुले में धरना

बुजुर्ग नारायण प्रसाद ने धरना स्थल पर बैठने और छाया के लिए टेंट लगवाया और सर्वदलीय मंच के सदस्यों के साथ धरना शुरू किया। नारायण प्रसाद यादव का आरोप है कि रतनपुर तहसीलदार शिल्पा भगत ने टेंट संचालक को बुलाकर जेल भेजने की धमकी दी, जिससे डरकर टेंट संचालक अपने लगाए गए टेंट और बैठने के लिए रखे तखत और गद्दे को उठाकर ले गया। उनका यह भी आरोप है कि पुलिस वाले भी मौके पर पहुंचे और धरना खत्म करने के लिए उसे धमकाते रहे।

तमाम परेशानियों के बावजूद यह बुजुर्ग अब खुले में धरना देने को मजबूर है। उसका कहना है कि अगर उसकी मांगों को लेकर कोई पहल नहीं की गई तो वह भूख हड़ताल भी करेगा। बिलासपुर जिले के रतनपुर तहसील में तहसीलदार द्वारा शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे बुजुर्ग के साथ द्वारा किये जा रहे इस रवैये से लोगों में तीखी नाराजगी देखी जा रही है।

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सरकारी छांव में तहसीलदार की कार

एक तरफ तो पैसे खर्च कर सामाजिक कार्यकर्ता के लगवाये गए टेंट को तहसीलदार ने धमका कर हटवा दिया, वहीं दूसरी ओर तहसीलदार कार्यालय के सामने नागरिकों की सुविधा के लिए लगाएं गए शेड पर तहसीलदार की निजी कार को आरामदायक सुविधा दी जा रही है। इधर एक जीते जागते इंसान धूप में धरना देने पर मजबूर कर प्रताड़ित किया जा रहा है।

धूप में बुजुर्ग और छांह में तहसीलदार की कार

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