नई दिल्ली। भारतीय मूल की तेरह साल की नताशा न्यूजर्सी  (अमेरिका ) में दूसरी बार दुनिया की सबसे मेधावी छात्रा बन गई है। यह बात विद्यालय में हो तो समझ में आती है। मगर कोई छात्रा दुनिया की सबसे मेधावी छात्रा का खिताब पा जाए तो यह सचमुच न केवल उसके लिए अचरज में डाल देने वाली बात होगी, बल्कि उसके अभिभावकों के लिए भी जीवन का सबसे सुखद पल होगा। उनकी इस अद्भूत प्रतिभा ने माता-पिता के साथ पूरे देश को गौरवान्वित करने का भी काम किया है। उसने एक बार नहीं दो-दो बार यह सम्मान हासिल किया है। तेरह साल की नताशा के पास अब बधाई संदेश आ रहे हैं।

अमेरिका स्थित जान हापकिंस सेंटर फार टैलेंटेड यूथ ने दुनियाभर के 76 देशों के 15,000 छात्र-छात्राओं की ऊपरी ग्रेड स्तर की परीक्षा के नतीजों के आधार पर भारतीय-अमेरिकी स्कूली छात्रा नताशा पेरियानायगम को लगातार दूसरे साल दुनिया की सबसे मेधावी छात्रा घोषित किया है। नताशा (13) न्यूजर्सी में फ्लोरेंस एम गाडिनीयर मिडिल स्कूल की छात्रा हैं। इन दिनों वह खासी चर्चा में है।

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नताशा ने 2021 में जान हापकिंस सेंटर फार टैलेंडेड यूथ (सीटीवाई) की परीक्षा दी थी। उस समय वह पांचवीं ग्रेड की छात्रा थी। मौखिक और मात्रात्मक योग्यता की परीक्षा में नताशा का प्रदर्शन ग्रेड आठ में 90 पर्सेंटाइल हासिल करने के बराबर था, जिस कारण उन्हें उस वर्ष की सम्मान सूची में जगह दी गई।

विश्वविद्यालय ने एक पत्रकारवार्ता जारी कर कहा कि नताशा को इस साल एसएटी, एसीटी, स्कूल और कालेज एबिलिटी टेस्ट या सीटीवाई प्रतिभा खोज परीक्षा के तहत समान मूल्यांकन में असाधारण प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। उसके माता-पिता चेन्नई से हैं। उन्होंने कहा कि नताशा पेरियानायगम को अपने खाली समय में गूगल डूडल बनाना और जेआरआर टोल्किन के उपन्यास पढ़ना बहुत पसंद है।

जान हापकिंस सेंटर फार टैलेंडेड यूथ दुनियाभर में असाधारण मेधावी छात्रों की पहचान के लिए ऊपरी- ग्रेड स्तरीय परीक्षा का आयोजन करता है और उनकी अकादमिक क्षमताओं के बारे में स्पष्ट तस्वीर पेश् करता है। अपने हालिया प्रयास में नताशा पेरियानायगम ने सभी उम्मीदवारों से अधिक ग्रेड हासिल कर सबको चौंका दिया है।

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