kisan sabha

कोरबा। छत्तीसगढ़ किसान सभा द्वारा SECL के बसाहट गांव गंगानगर में आयोजित ‘विस्थापन पीड़ितों की संघर्ष सभा’ में राकेश टिकैत जमकर गरजे, वहीं भाकपा नेता बादल सरोज झूमकर बरसे। सभा में उपस्थित हजारों किसानों को उन्होंने विस्थापन के खिलाफ एकजुट संघर्ष करने का मंत्र दिया और कहा कि यदि केंद्र और राज्य की सरकारें जनता की आवाज नहीं सुनती, तो आंदोलनों की धमक से इन बहरी सरकारों को अपनी आवाज सुनाने के लिए देश की जनता तैयार है।

देर से पहुंचे टिकैत को सुनने एकत्र हुए हजारों

संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राकेश टिकैत अपने तय समय से चार घंटे देरी से इस सभा में पहुंचे, लेकिन रात 9 बजे भी उन्हें सुनने के लिए हजारों किसान जमा थे। स्वागत-सत्कार की संक्षिप्त औपचारिकता के बाद उन्होंने सीधे माइक थाम लिया। अपने आधे घंटे के संबोधन में उन्होंने आरोप लगाया कि हसदेव हो या कोरबा या हो बस्तर, केंद्र और राज्य दोनों सरकारें मिलकर उद्योगपतियों को जमीन देना चाहती हैं, और इसके लिए गरीबों से जमीन छीनना चाहती हैं। आज छत्तीसगढ़ में जमीन बचाने की लड़ाई ही सबसे बड़ी लड़ाई है और पूरे छत्तीसगढ़ में 22 जगहों पर आंदोलन चल रहे हैं। इस संघर्ष को सभी संगठनों की पहलकदमी से साझा मोर्चा बनाकर और मजबूत करना होगा। टिकैत ने कहा कि मजदूर-किसानों की एकजुटता का यही संदेश लेकर आज संयुक्त किसान मोर्चा के 40 नेता पूरे देश का दौरा कर रहे हैं और इसी उद्देश्य से वे छत्तीसगढ़ के प्रवास पर है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि किसान आंदोलनों से सरकार बातचीत करें या फिर उनके गुस्से का सामना करें।

See also  छात्रावास की दीवार फांदकर फरार हुए 11 बच्चे

इस मौके पर अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव बादल सरोज ने कहा कि देशव्यापी किसान आंदोलन ने सरकार के बर्बर दमन के बावजूद बिना डरे, बिना झुके संघर्ष की जो मशाल जलाई है, कोरबा के भू-विस्थापित उसे मजबूती से थामे हुए है और अपनी आजीविका और पुनर्वास के लिए कुसमुंडा के भू विस्थापित 470 दिनों से लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। इस लड़ाई को किसान सभा अंत तक लड़ेगी, जब तक अंतिम भू-विस्थापित को न्याय नहीं मिल जाता। उन्होंने कहा कि दुनिया के 115 पूंजीपतियों ने वैश्विक मंदी से निपटने के लिए उन पर टैक्स बढ़ाने की मांग अपनी सरकारों से की है, लेकिन हमारे देश की सरकार हर मिनट 2.5 करोड़ रुपये कॉरपोरेटों की तिजोरियों में भरने की नीतियां लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि इस साल के बजट में खेती-किसानी से लेकर मनरेगा और खाद्यान्न, स्वास्थ्य, शिक्षा से लेकर सभी सामाजिक कल्याण कार्यों के बजट में भयंकर कटौती की गई है, लेकिन उन कॉरपोरेटों को टैक्स में छूट दे दी गई है, जो बैंक से लिये गए लाखों करोड़ रुपयों के कर्ज को हजम कर गए हैं।

See also  प्रदेश में नहीं थम रही दुर्लभ पैंगोलिन की तस्करी : पुलिस ने घर पर छिपा कर रखे गए इस जंगली जीव का किया रेस्क्यू, पकड़ा गया तस्कर

छत्तीसगढ़ किसान सभा के कोरबा जिला अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर की अध्यक्षता में आयोजित इस सभा को राज्य सचिव संजय पराते और जिला सचिव प्रशांत झा ने भी संबोधित किया। उन्होंने एसईसीएल पर बड़े पैमाने पर जमीन की जमाखोरी करने का आरोप लगाया।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू
 पर