रायपुर। विश्व धरोहर सिरपुर बचाने,हाईवे स्थित खैरझिटी,कौंवाझर,मालिडीह के कृषि भूमि,गरीबों का काबिल कास्त भूमि, आदिवासी भूमि,वन भूमि,शासकीय भूमि में गैर कानूनी ढंग से निर्माणाधीन करणी कृपा स्टील एवं पावर प्लांट के विरोध में विगत 25 फरवरी 2022 से अंचल के किसानों द्वारा छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले अखन्ड सत्याग्रह चल रहा है।

आज अखंड धरना सत्याग्रह 12 वें माह के 362 वे दिन 49 किसान,जवानएवं महिला किसानों ने भाग लिया।आज अखन्ड धरना सत्याग्रह का नेतृत्व राज्य आंदोलनकारी आदिवासी किसान नेता अशोक कश्यप,लीलाधर पटेल, डेविड चंद्राकर,दशरथलाल सिन्हा, डोमार सिंह ध्रुव,बोधनराम यादव, भुनेश्वर साहू,बैशाखुराम सिन्हा,कुमार बरिहा,लखनलाल ध्रुव ने किया।आज अखन्ड धरना सत्याग्रह को राज्य आंदोलनकारी आदिवासी किसान नेता अशोक कश्यप,उदयराम चंद्राकर,सुधुराम पटेल,दशरथलाल सिन्हा,बिसरूराम ध्रुव, राधाबाई सिन्हा,डिगेश्वरी चंद्राकर पूर्व सरपंच,ननकुनिया बाई पारधी,नीरा ध्रुव सरपंच,श्यामबाई ध्रुव,ठगन बाई सिन्हा एवं शर्मिला टंडन ने संबोधित किया।

आज अखंड धरना सत्याग्रह में शामिल कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अशोक कश्यप ने कहा कि प्रजातंत्रीय व्यवस्था में प्रजा के द्वारा तंत्र का संचालन होना चाहिए। लेकिन तंत्र द्वारा प्रजा का संचालन होने के कारण राज्य में शोषण और भ्रष्टाचार चारों ओर व्याप्त है।साथ ही जिला प्रशासन नौकरशाह,मुख्यमंत्री के आदेश का पालन नहीं करते। महासमुंद के जिलाधीश की घटना इसका जीता जागता प्रमाण है।

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माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में किसानों की याचिका पर प्रशासन और करणी कृपा प्रायवेट लिमिटेड द्वारा दस्तावेज नहीं दिया 28 फरवरी को पुनः सुनवाई होगी। किसानों ने करणी कृपा प्रायवेट लिमिटेड के बैंक ऋण प्रकरण पर आपत्ति लगाई है जिसमें सौरभ टोला,कृष खेतान, विमल खेतान को मुख्य आरोपी बनाया गया है।उदयराम चंद्राकर ने कहा कि महासमुंद के जिला प्रशासन नौकरशाहों का बिगड़ैल रूप भ्रष्ट उद्योगपति करणी कृपा स्टील एवं पावर प्लांट के मालिक की दलाली गिरी मुख्य कारण है।श्रीमती डिगेश्वरी चंद्राकर पूर्व सरपंच ने कहा कि, करणी कृपा स्टील एवं पावर प्लांट के असंवैधानिक निर्माण कार्य को संरक्षण देने वाले जिला प्रशासन के काले कारनामों का पर्दाफाश करके ही रहेंगे।

आगे उन्होंने यह भी कहा कि शासन-प्रशासन जिस भाषा से किसानों की बात समझेंगे हम उस भाषा का भी प्रयोग करना भली प्रकार से जानते हैं। हम वह भी करके रहेंगे। राधाबाई सिन्हा ने कहा कि, विगत 12 माह से गांधीवादी तरीके से संचालित अखंड धरना सत्याग्रह को अन्यथा ना लें। नहीं तो नारी शक्ति जिस समय अपना धैर्य खोएगी उस समय शासन प्रशासन को सारी बातें समझ में आ जाएगी।

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