SACHIV HADTAL KORBA

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पंचायत सचिवों की शासकीयकरण की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी नहीं होने से प्रदेश के 10568 पंचायत में कार्यरत सचिव आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इसी कड़ी में प्रदेश के सभी 146 ब्लाक के ग्राम पंचायत के सचिवों ने मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन भी शुरू कर दिया है। सचिवों के हड़ताल पर जाने से शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ने लगा है।

अब तक केवल आश्वासन ही मिला

प्रदेश पंचायत सचिव संगठन के प्रांतीय सचिव लखेश्वर यादव के मुताबिक पंचायत मंत्री रविन्द्र चौबे एवं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा दिये गए आश्वासन के बाद भी 6 मार्च को बजट में सचिवों के लिए शासकीयकरण के संबंध में कोई ठोस पहल नही किया गया, जिससे सचिवों में काफी रोष व्याप्त है और अब वे हड़ताल पर जाने को मजबूर हो गए हैं।

अंतिम व्यक्ति तक होती है पहुंच

लखेश्वर यादव के मुताबिक पंचायत मंत्री रविन्द्र चौबे एवं मुख्यमंत्री भूपेश ने बताया कि पंचायत सचिव शासन के 29 विभागों के 200 प्रकार के कार्यों का सफल क्रियान्वयन कर प्रशासन के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम करते हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से विगत चार वर्षों से छलावा ही मिल रहा है, इस दौरान केवल आश्वाशन ही पंचायत सचिवों को मिला है

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सरकार के इन कार्यो पर असर

पंचायत सचिवों के हड़ताल पर चले जाने से शासन की महत्वाकांक्षी योजना गोधन न्याय योजना अंतर्गत गोबर खरीदी का काम बंद हो गया है। इसके साथ ही निराश्रितो को पेंशन भुगतान, जन्म-मृत्यु पंजीयन, मनरेगा, वर्मीखाद विक्रय, राष्ट्रीय आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, जलजीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, राशनकार्ड, प्रशासन आपके द्वार सहित समस्त निर्माण कार्य ठप्प हो जायेंगे। इसी प्रकार आगामी अप्रैल माह में होने वाले सामाजिक आर्थिक जनगणना के सर्वेक्षण पर भी इसका असर पड़ेगा। पंचायत सचिवों के हड़ताल में जाने से ग्रामीणजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

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