कोविड-19 महामारी फैलाने वाले कोरोना वायरस के नये स्वरूप एक्सबीबी1.16 के भारत में 76 मामले अब तक मिले हैं। इनमें से कर्नाटक में 30 और महाराष्ट्र में 29 मामले मिले, जो सर्वाधिक हैं। उत्तर भारत में दिल्ली में 5 और हिमाचल प्रदेश में 1 में यह स्वरूप मिला है।

वायरस पर निगरानी के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय, जैव तकनीकी विभाग और सीएसआईआर व आईसीएमआर द्वारा मिलकर बनाए इंडियन सार्स-कोव-2 जीनॉमिक्स कंसॉर्टियम (इन्साकॉग) के डाटा से यह सामने आया है। नये स्वरूप के पुडुचेरी में 7, तेलंगाना में 2 और गुजरात व ओडिशा 1-1 मामले मिले हैं। भारत में यह सबसे पहले जनवरी में 2 सैंपल में मिला था,। वहीं फरवरी में यह 59 और मार्च में अब तक मामलों में मिला है।

126 दिन बाद 800 से अधिक मामले मिले

देश में 126 दिन बाद एक ही दिन में कोविड-19 के 800 से अधिक मामले मिले हैं। कुल सक्रिय मरीजों की संख्या 5,389 हो चुकी है।

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बढ़ते मामलों की वजह

एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया सहित कई विशेषज्ञों ने कोविड-19 महामारी के हाल में बढ़े मामलों की वजह एक्सबीबी1.16 स्वरूप को बताया है। उनके अनुसार इसके साथ एच3एन2 भी इन्फ्लूएंजा के नये मामले बढ़ा रहा है। डॉ. गुलेरिया के अनुसार संक्रमण फैलने से रोकने व बचाव के लिए कोविड अनुरूप आचरण मदद कर सकता है। चूंकि अधिकतर मामले बेहद गंभीर नहीं हैं, इसलिए अभी डरने की जरूरत नहीं है।

भारत में फैला तो पूरी दुनिया के लिए चिंता

इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के पूर्व समन्वयक डॉ. विपिन एम वशिष्ठ के अनुसार एक्सबीबी1.16 अब तक 12 देशों में फैल चुका है। सबसे ज्यादा मामले भारत में मिले हैं, इसके बाद यूएस, ब्रूनेई, सिंगापुर व ब्रिटेन हैं। पिछले 14 दिन में नये मामलों की संख्या 281 प्रतिशत बढ़ी है तो मौतें 17 प्रतिशत। इस समय दुनिया की नजरें भारत पर हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता रखने वाली हमारी आबादी में यह स्वरूप फैला तो पूरी दुनिया गंभीर खतरे की जद में आ जाएगी। अब तक भारतीयों पर बीए.2.75, बीए.5, बीक्यू, एक्सबीबी.1.5 आदि स्वरूप खास असर नहीं हुआ है।

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