विमान में लगातार बढ़ती हिंसा के मामलों को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जानकारी के मुताबिक, एविएशन मिनिस्ट्री ने इस साल के 15 मार्च तक कुल 10 यात्रियों को ‘नो फ्लाई लिस्ट’ में रखा है।

राज्यसभा में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री वी के सिंह ने कहा कि साल 2021 और 2022 के दौरान 66 और 63 यात्रियों को ‘नो फ्लाई लिस्ट’ में रखा गया है। मंत्री की ओर से यह जवाब देश में विमान में लगातार बढ़ रही हिंसा की घटनाओं में बढ़ोतरी और मर्यादा के उल्लंघन को लेकर लिखित में दिया गया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा, ‘सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट की धारा-3 के अनुसार गठित एयरलाइन की आंतरिक समिति की ओर से अनुशंसित अवधि के लिए वर्ष 2022 और 2021 के दौरान 66 और 63 यात्रियों को ‘नो फ्लाई लिस्ट “पर रखा गया है।

15 मार्च तक 10 यात्रियों को ‘नो फ्लाई लिस्ट’ में रखा

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नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री ने राज्यसभा में कहा कि साल 2023 में 15 मार्च तक 10 यात्रियों को ‘नो फ्लाई लिस्ट’ में रखा गया है। उन्होंने कहा, ‘नो फ्लाई लिस्ट’ में रखे गए अधिकांश यात्री मास्क नहीं पहनने और चालक दल के सदस्यों के निर्देशों का पालन नहीं करने से संबंधित उल्लंघन के लिए थे।’ उड़ान (DGCA) के दौरान गंदे व्यवहार से निपटने के लिए विमानन नियामक डीजीसीए ने एक सीएआर जारी किया है जिसका विषय ‘उग्र/बाधाकारी यात्रियों को संभालना’ है।

DGCA द्वारा किया जाता हैं ‘नो फ्लाई लिस्ट’ का रखरखाव

सीएआर के अनुसार, एयरलाइंस को यात्रियों को एयरलाइन द्वारा ‘नो फ्लाई लिस्ट’ में रखे जाने से पहले जवाबदेह ठहराने के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है। बता दें कि एयरलाइंस द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा ‘नो फ्लाई लिस्ट’ का रखरखाव किया जाता है।