SADAK

कोरबा/पाली। प्रदेश में जिस प्रधानमंत्री ग्राम सड़क यजना के जरिये ग्रामीण इलाकों में सड़कों का जाल बिछाया गया, इसी योजना में अब करप्शन के चलते सड़कों की दशा ख़राब होती जा रही है। कोरबा जिले के वनांचल में ऐसी ही एक सड़क का जीर्णोद्धार हो रहा है, जिसके कार्य की गुणवत्ता देखकर इलाके के ग्रामीण नाराज हो चले हैं।

जिले के पुरातत्व महत्त्व वाले पाली ब्लॉक में लगभग 15 वर्ष पूर्व PMGSY के तहत पाली से लाफा-जेमरा होते हुए रतखण्डी मार्ग पर 35 किलोमीटर तक सड़क का निर्माण 15 वर्ष पहले किया गया था। इतने सालों में जर्जर हो चुके इस मार्ग को ग्रामीणों की पुरजोर मांग के बाद इसके जीर्णोद्धार का कार्य PMGSY द्वारा ही किया जा रहा है। तस्वीरों पर नजर डालें तो साफ दिखाई देता है कि काम किस तरह हो रहा है। यहां गिट्टी-डामर की पर्त इतनी पतली है कि वह बिछाते ही उखड़ने लगी है, वहीं कई जगह तो नीचे की सड़क नजर आ रही है। सालों बाद इलाके की सड़क के जीर्णोद्धार से खुश ग्रामीण सड़क की गुणवत्ता देख कर दुखी हो चले हैं।

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क्या कहते हैं अधिकारी..?

पाली ब्लॉक में घटिया तरीके से सड़क के जीर्णोद्धार के संबंध में हमने कोरबा जिले में PMGSY के EE संतोष नाग से जानकारी चाही तो उन्होंने कहा कि सड़क के पेंच वर्क का काम सुनील अग्रवाल नामक ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है। नाग ने सफाई देते हुए कहा कि फ़िलहाल जहां गड्ढे हैं उन्हें भरा जा रहा है, इसके बाद गिट्टी-डामर की पर्त (MSS) बिछाई जाएगी। अधिकारी भले ही गड्ढे भरे जाने की बात कह रहे हैं, मगर तस्वीरें कुछ और ही बयां कर रही हैं। हमारे स्थानीय संवाददाता ने भी यह बताया कि 35 किलोमीटर की जर्जर सड़क पर गिट्टी-डामर की पर्त बिछाई जा रही है, जो गुणवत्ता पूर्ण सामग्री नहीं होने के चलते सड़क पर अच्छी तरह बिछ भी नहीं रही है। लाफा से रतखण्डी तक किये जा रहे सड़क मरम्मत की लेप मोटर सायकल तो दूर महज सायकल के चलने से ही उखड़ रही है।

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इलाके का है व्यस्ततम मार्ग

बता दें कि ग्राम रतखण्डी बीहड़ वनांचल एवं पहाड़ी क्षेत्र होने के साथ पाली विकासखण्ड का सीमांत इलाका है, जहां से पेंड्रा- गौरेला- मारवाही जिले की सीमा लगी हुई है, जिसकी वजह से इस मार्ग पर हर रोज बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती रहती है। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत निर्मित उतार- चढ़ाव वाली इस पक्की सड़क के घटिया मरम्मत से कहीं कोई हादसा न घटित हो इसका आभास अधिकारियों व मरम्मत करने वाले ठेकेदार को शायद नहीं है।

पीएमजीएसवाई योजना में नए सड़कों के निर्माण व पुराने जर्जर सड़कों के मरम्मत के लिए सरकार द्वारा संबंधित विभाग को करोड़ों रुपए की राशि दी जाती है, लेकिन ठेकेदार और अधिकारी मिलकर सड़क का घटिया निर्माण और पुराने सड़कों की इस तरह मरम्मत कर शासन को चूना लगा रहे हैं, और इसका नुकसान इस मार्ग से आवाजाही करने वालों को होगा।

कलेक्टर से शिकायत मूड में ग्रामीण

कोरबा जिले के सीमांत इलाके के गांवों को जोड़ने वाली इस सड़क के घटिया तरीके से मरम्मत से ग्रामीण काफी नाराज हैं। ग्रामीणों को पता है कि एक बार मरम्मत के बाद सालों तक अधिकारी इस सड़क की सुध नहीं लेंगे। यही वजह है कि इस मामले में ग्रामीणों ने कलेक्टर से मिलकर शिकायत करने की ठानी है।

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