तिरुवनंतपुरम । वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में असमाजिक तत्वों द्वारा पत्थरबाजी का मामला थम नहीं रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जिस ट्रेन को हाल ही में केरल के नागरिकों की सुविधाओं के लिए हरी झंडी दिखा कर रवाना किया था वह भी आज पत्थरबाजी का शिकार हो गया। रेलवे के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बता दें कि केरल में वंदे भारत की पहली ट्रेन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अप्रैल को तिरुवनंतपुरम सेंट्रल स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया था।

यह ट्रेन तिरुनवाया से तिरूर के बीच चलती है। जब ट्रेन तिरुवनंतपुरम से कासरगोड़ की ओर जा रही थी, उसी वक्त यह घटना हुई है। दक्षिण रेलवे के अधिकारी ने बताया कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है, एक कोच की विंडशील्ड क्रैक हो गई है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। हमने फैसला लिया है कि ट्रेन की सुरक्षा को और बढ़ाया जाएगा। इससे पहले 6 अप्रैल को भी इसी तरह की घटना सामने आई थी। वंदे भारत ट्रेन पर विशाखापट्टनम में पत्थर फेंकने की घटना सामने आई थी।

See also  असम में हिमंत बिस्वा ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ... सरमा कैबिनेट के 13 मंत्री शामिल

अधिकारियों ने बताया कि पत्थर फेंकने की वजह से ट्रेन की कोच की खिड़की का शीशा टूट गया था। वाल्टेयर डिविजन रेलवे की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा या है कि खम्माम और विजयवाड़ा के बीच सिकंदराबाद से आ रही ट्रेन पर पत्थरबाजी की घटना हुई है। यह घटना बुधवार की शाम को दक्षिण सेंट्रल रेलवे जोन में हुई। इससे पहले जनवरी माह में भी वंदे भारत ट्रेन पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई थी। उस वक्त आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टन में रखरखाव के दौरान पत्थरबाजी हुई थी। कोच का ग्लास पैनल इस पत्थरबाजी में टूट गया था।

डिविजनल रेलवे मैनेजर अनूप कुमार सेतुपति ने बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने वंदे भारत ट्रेन पर पत्थर फेंका था। जब ट्रेन विशाखापट्टनम पहुंची इसी दौरान यह घटना हुई थी। 12 मार्च को भी इसी तरह की घटना पश्चिम बंगाल में हुई थी, यहां फरक्का के पास ट्रेन में पत्थरबाजी हुई थी। गौर करने वाली बात है कि जिस तरह से वंदे भारत ट्रेन पर लगातार पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आ रही हैं वह इस ट्रेन की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

See also  आखिर क्यों राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद किया गया, पीएमओ के पास नहीं है कोई जवाब