Corporation's Drinking Water Scam - रईसों के बार और स्विमिंग पुल में गरीबों का पानी .. राज़ खुला, जांच शुरू
Corporation's Drinking Water Scam - रईसों के बार और स्विमिंग पुल में गरीबों का पानी .. राज़ खुला, जांच शुरू

विशेष संवादाता

रायपुर। नगर निगम रायपुर का जलप्रदाय विभाग एक बार फिर कटघरे में है। पूर्व में पानी टैंकर सप्लाय, खरीदी और ठेका एजेंसियों के भुगतान को लेकर गंभीर अनियमितता के किस्से चर्चा में रहे हैं। कुछ मामलों में तो अब तक जांच औरकार्रवाई भी ठन्डे बास्ते में है। निगम के आला औहदेदारों की एक ऐसी कारस्तानी सामने आई है जिसका जवाब देने की बजाये जिम्मेदार सीधे कार्रवाई के लिए तत्पर हैं। दरअसल मामला रायपुर नगर निगम के जलप्रदाय विभाग का है। गरीबों के नाम पर 6 -6 हजार लीटर के 2 पीने के पानी का टैंकर रईसों की बार और स्वीमिंग पुल को दे रहे थे। पानी की इस बंदरबांट के पीछे विभाग के जिम्मेदार हैं या फिर मातहत इसका खुलासा होना बाकि हैं। लेकिन जलापूर्ति को आवश्यक सेवा बताने वालों को शायद यह नहीं पता कि बार और स्वीमिंग पुल को बिना निगम से रसीद कटवाए मुफ्त में देना नियम विरुद्ध है।

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मामला जोन 9 और 10 के हदूद में है। जिन होटल और बार में मुफ्त में निगम टैंकर हज़ारों लीटर पानी देने दौड़ाये जा रहे हैं उसके पीछे कौन है यह जांच का विषय है। जलप्रदाय विभाग महीनों से रईसजादों के क्लब को सरकारी पानी मुफ्त में सप्लाय कर रहा है। जिसका रिकार्ड निगम रजिस्टर में नहीं है पर इस मुफ्त पानी का खेल तस्वीरों से सामने आ गया हैं। जलप्रदाय विभाग के स्पेशल जोन से रोज़ाना 2 टैंकर निगम का पानी लेकर ‘ द एलेक्सर इन ‘ मे गुपचुप तौर पर कौन और किसकी अनुमति से दिया जा रहा था? निगम में बिना डिमांड, रसीद और नियम विरुद्ध हो रहे इस कार्य का खुलासा TRP को विभागीय सूत्रों ने किया। बताते हैं कि VIP रोड स्थित विवादित क़्वींस क्लब के स्थान पर नए नाम और ठेका से वही सब फिर से शुरू है।

टैंकर, ठेका और पानी में लगता रहा है आरोप

अफसरों की मिलीभगत से पूर्व में भी गड़बड़ियां हुईं है। इसमें जलप्रदाय विभाग की अहम् भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसमें विभागीय जिम्मेदारों की अनुमति जरूरी होती है। पहले भी जलप्रदाय विभाग ने चहेतों को प्राइवेट काम सौंपा। फिर वित्त विभाग ने बिना गाइडलाइन जांचे ही ठेका एजेंसियों को मोटी रकम भुगतान भी कर दिया। करीब 4 साल पहले भी इसी तरह पानी सप्लाय के नाम पर 5 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए थे।

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जलप्रदाय विभाग अध्यक्ष ने दिए जांच के आदेश

जलप्रदाय विभाग के अध्यक्ष सतनाम सिंह पनाग से जब इस संबंध में जानकारी दी गई तो उन्होंने जल आपूर्ति सेवा को आवश्यक सेवा बताया। उनका कहना है कि नगर निगम सरकारी शुल्क में कमर्शियल भी पानी टेंकर देता है। बार और स्वीमिंग पुल के लिए निगम की दर पर पानी भेजा जा सकता है। सतनाम सिंह पनाग का कहना है कि बिना अनुमति अगर उक्त सप्लाय की गई है तो यह अनुचित है और विभागीय सचिव बद्री चंद्राकर को जांच के बाद कार्रवाई के लिए कहा गया है।