चंडीगढ़। देश की सेवा में अपनी जान की बाजी लगाने वाले सैनिकों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। सैनिकों की विरासत को सहेजने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज  देश में अपनी तरह के पहले वायु सेना विरासत केंद्र का उद्घाटन किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ और भारतीय वायु सेना ने पिछले साल एक सहमति-पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये थे जिसके तहत केंद्र स्थापित किया गया है। उद्घाटन समारोह में पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी और चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर उपस्थित थीं।

वायुसेना प्रमुख ने पिछले महीने भारतीय वायु सेना विरासत केंद्र के निर्माण की प्रगति की समीक्षा करने के लिए इसका दौरा किया था। यह विरासत केंद्र 17,000 वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। यह पहला ऐसा केंद्र है जो 1965, 1971 के युद्धों और करगिल युद्ध तथा बालाकोट हवाई हमले सहित विभिन्न युद्धों में निभाई गई वायु सेना की भूमिका को भित्तिचित्रों और स्मृति चिह्नों के जरिये बयां करता है। अधिकारियों ने कहा कि यह विरासत केंद्र भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा और भारतीय वायु सेना की अदम्य भावना को प्रदर्शित करेगा।

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