NEET UG 2023: विदेश से एमबीबीएस कर भारत वापस लौटे स्टूडेंट्स के लिए बहुत ही अच्छी खबर है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने एक साल के लिए अपने मानदंडों में ढील दी है। जिसके तहत अब इंटर्न के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट पास करने वाले विदेशी मेडिकल स्नातकों को गैर-शिक्षण अस्पतालों में इंटर्नशिप की अनुमति दी गई है।

अगले साल मई तक राज्यों के 673 नामित अस्पतालों में इंटर्नशिप की अनुमति दी जाएगी। छूट की घोषणा कुछ छात्रों को ध्यान में रखते हुए दी गई थी। विशेष रूप से उन छात्रों को जिन्होंने पिछले साल चीन और यूक्रेन से ग्रेजुएशन पूरा किया और कोरोना संक्रमण व यूक्रेन युद्ध के कारण वापस आ गए।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने बुधवार को एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि मान्यता प्राप्त गैर-शिक्षण अस्पतालों को मई 2024 तक विदेशी मेडिकल स्नातकों को इंटर्नशिप प्रदान करने की अनुमति दी जाएगी। यह छूट केवल एक बार के उपाय के रूप में दी गई है।

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इन गैर-शिक्षण अस्पतालों में एफएमजी का आवंटन भी संबंधित राज्य चिकित्सा परिषदों के माध्यम से किया जाएगा। एनएमसी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट कर चयनित 679 अस्पतालों की राज्यवार लिस्ट भी जारी की है।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की ओर से बुधवार को जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि दो साल की इंटर्नशिप केवल उन उम्मीदवारों पर लागू होगी, जो अपने अंतिम वर्ष के दौरान भारत वापस आए और अपनी शिक्षा ऑनलाइन पूरी की। स्पष्टीकरण में कहा गया है कि जिन छात्रों को दो साल की इंटर्नशिप करने की आवश्यकता है, वे दूसरे कॉलेज या राज्य से इंटर्नशिप के अपने दूसरे वर्ष को करने का विकल्प चुन सकते हैं।

चिकित्सा शिक्षा नियामक ने पिछले साल यह अनिवार्य कर दिया था कि छात्र केवल मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में ही इंटर्नशिप करें। अस्पतालों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था कि उनकी इंटर्नशिप सीटों का 7.5 प्रतिशत विदेशी स्नातकों को दिया जाए। साथ ही चयनित लोगों को भारतीय इंटर्न के बराबर स्कालरशिप दिया जाए।

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