टीआरपी डेस्क। यौन शोषण के आरोपों में घिरे बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने पहलवानों को चुनौती दी थी कि वह नार्को टेस्ट, पॉलीग्राफ टेस्ट और लाइव डिटेक्टर टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं। लेकिन उनकी शर्त है कि उनके साथ पहलवान विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक को भी अपने टेस्ट कराए होंगे।

बृजभूषण ने यह चुनौती फेसबुक पर पोस्ट लिखकर दी थी। वहीं, अब खबर है कि पहलवानों ने बृजभूषण की यह चुनौती स्वीकार कर ली है, लेकिन उनकी एक शर्त है कि यह टेस्ट सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सकें। पहलवानों की ओर बजरंग पुनिया ने कहा कि अगर फेडरेशन के घोटाले गिनाना है तो मैं नार्को करवाने के लिए तैयार हूं।

इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि लेकिन, उनके साथ विनोद तोमर, जीतेंद्र (महिला पहलवानों के चीफ कोच), फीजियो धीरेंद्र प्रताप का भी नार्को टेस्ट होना चाहिए।
बता दें कि पिछले 30 दिनों से जंतर-मंतर पर बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन जारी है। लेकिन, अभी तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है। इससे पहले तो बृजभूषण के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज नहीं की गई थी, लेकिन बाद में जब महिला पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, तो कोर्ट ने बृजभूषण के खिलाफ दिल्ली पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।

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कोर्ट के निर्देश पर बृजभूषण के खिलाफ पॉक्सो सहित आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया, लेकिन पहलवान मांग कर रहे हैं कि बृजभूषण को गिरफ्तार किया जाए और उसे पद से बर्खास्त किया जाए , लेकिन अभी तक उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है। वहीं, अपने ऊपर लगे आरोपों को बृजभूषण ने निराधार बताया है। उन्होंने बीते दिनों एक निजी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि उनके ऊपर यौन शोषण के आरोप राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर लगाए गए हैं, जिनमें बिल्कुल भी सत्यता नहीं है। उनकी छवि को खराब करने के मकसद से यह आरोप लगाए गए हैं।

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