Politics On The New Parliament House - राहुल के बाद CM भूपेश और साय बोले मोदी नहीं मुर्मू करे नए संसद भवन का शुभारंभ
Politics On The New Parliament House - राहुल के बाद CM भूपेश और साय बोले मोदी नहीं मुर्मू करे नए संसद भवन का शुभारंभ

टीआरपी डेस्क

रायपुर। पुराने लोकतंत्र के मंदिर से सांसद अब नए भवन में बैठने के लिए बेक़रार हैं। उतनी ही बेकरारी है इस नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर। प्रधानमंत्री की महती योजनाओं को रिकार्ड समय पर पूरा कर लिया गया है और अब लोकतंत्र का नया मंदिर के उद्घाटन के लिए लोकसभा स्पीकर द्वारा पीएम से भवन लोकार्पण के लिए कहा गया है। ऐसे में दिल्ली की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। खासकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और निष्कासित सांसद राहुल गांधी की सलाह के बाद छत्तीसगढ़ के दो दिग्गज नेताओं ने भी हां में हां मिलाया है। cm भूपेश ने कहा है कि नए संसद भवन का उद्घाटन मोदी से नहीं राष्ट्रपति मुर्मू से करवाया जाना चाहिए। बीजेपी से कांग्रेस में आये नंदकुमार साय ने तो बाकायदा पीएम को पत्र भी लिखा है।

बता दें कि नए संसद भवन का 28 मई को शुभारंभ होने जा रहा है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, दरअसल, संसद भवन का निर्माण पूरा होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने पीएम मोदी से मुलाकात की थी और नए भवन के उद्घाटन के लिए आग्रह किया था। लेकिन राहुल गांधी ने इस बात पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि, नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति मुर्मू को करना चाहिए, न की प्रधानमंत्री को, जिसका समर्थन सीएम भूपेश बघेल और कांग्रेस के आदिवासी नेता नंद कुमार साय ने भी किया हैं।

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बीजेपी आदिवासियों का अपमान करती है- सीएम

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट करते हुए कहा कि, भाजपा आदिवासियों का अपमान करती है, यह जग जाहिर है। भाजपा ने आदिवासी दिवस वाले दिन आदिवासी प्रदेश अध्यक्ष को हटा दिया था और भाजपा के सर्वोच्च आदिवासी नेता नंद कुमार साय का अपमान भी किया था। नए भवन का उद्घाटन होना देश के लिए गौरव का पल है। इसे राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से ही करवाना चाहिए।

राष्ट्रपति मुर्मू करें नए संसद भवन का शुभारंभ- साय

राहुल गांधी के ट्वीट के बाद कांग्रेस के आदिवासी नेता नंदकुमार साय ने कहा कि, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ही नए संसद भवन का शुभारंभ करना चाहिए, इस कार्य को पूरा करने के लिए श्री साय ने पीएम को चिठ्ठी लिखी और कहा कि, संसद का उद्घाटन देश की संबैधानिक प्रमुख के हाथों से होना चाहिए, क्योंकि यह देश के लिए सौभाग्य की बात होगी। साथ ही उन्होंने पत्र में लिखा कि, देश की राष्ट्रपति जनजातीय वर्ग से हैं, यह बड़ा कार्यक्रम है, उन्हें शुभारंभ का अवसर जरूर मिलना चाहिए।

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नए संसद भवन में ऐसी व्यवस्था

जानकारी के मुताबिक, नए संसद भवन में लोकसभा के 888 सदस्यों और राज्यसभा में 384 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था की गई है। खास बात यह है कि, संसद की नई इमारत सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा है, यहं पर प्रधानमंत्री का एक नया कार्यालय, आवास और एक नया उपराष्ट्रपति एन्क्लेव का भी निर्माण किया गया है।