BPO Center Will Become Multi Level Parking - मल्टी लेवल पार्किंग फेल, अब पार्किंग का व्यावसायिक इस्तेमाल
BPO Center Will Become Multi Level Parking - मल्टी लेवल पार्किंग फेल, अब पार्किंग का व्यावसायिक इस्तेमाल

विशेष संवादाता

रायपुर। राजधानी की सबसे पहली मल्टी लेवल पार्किंग जय स्तंभ चौक के पास बनाई गई। सदर बाजार, गोल बाजार, सबसे पुराने बस स्टैंड राज टॉकीज़ के पास लगने वाले जाम से निजात दिलाने बनाई गई थी। लेकिन करोड़ों खर्च कर तैयार पार्किंग में सन्नाटा पसरा रहा। थकहार कर जिला प्रशासन की इस पार्किंग में गाड़ियां तो नहीं खड़ी हो रही, लेकिन इसे आबाद रखने के लिए यहां जिला पुलिस बल का सिटी एसपी कार्यालय संचालित हो रहा है।

मल्टी लेवल पार्किंग की योजना का दूसरा चरण कलेक्टोरेट परिसर में बनकर तैयार हुआ। दो बार अलग अलग तरीके से उद्घाटन किया गया पर यह अब भी आबाद नहीं हुआ है। अब भी इसके टेंडर पद्धति, ठेकेदार के द्वारा यहां बकरों की कुर्बानी देने का विवाद भी सुर्ख़ियों में रहा।

अब एक बार फिर पार्किंग की जगहों पर व्यावसायिक लाभ लेने की योजना निगम ने बनाई है। पार्किंग का इस्तेमाल नहीं कर रहे लोगों पर कार्रवाई करने की बजाये निगम यहां बीपीओ सेंटर खोलेगा। अपनी पार्किंग योजना को नुकसानदेह जानकर सिर्फ मुनाफे के लिए युवाओं को रोजगार के विकल्प का लॉलीपॉप दिखाकर किराये पर देने की तैयारी है।

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10 करोड़ की लगत से 500 सितार BPO सेंटर बनेगा

राजधानी रायपुर के कलेक्ट्रेट में बने मल्टी लेवल पार्किंग का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। यहां लोगों की गाड़ियों को पार्क करने की जगह बनाई गई है। लेकिन लोग इस जगह का यूज नहीं कर रहे हैं। इसलिए अब इस स्थल को 10 करोड़ की लागत के साथ बीपीओ सेंटर बना दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि, 500 सीटर बीपीओ सेंटर बनाया जाने वाला है। राजस्व और युवाओं के रोजगार के लिए यह नई पहल शुरू की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, 1 महीने के अंदर इस काम को पूरा किया जाएगा।

पार्किंग फेल होने के बाद रोजगार का अड्डा बनाने तैयार

राज्य सरकार इस कार्य को आत्मनिर्भरता के उद्देश्य से कर रही है। इस बी.पी.ओ. के जरिए कॉल सेंटर कस्टमर सपोर्ट, सेल्स एंड मार्केटिंग, डाटा एंट्री, टेक्निकल सपोर्ट, चैट सपोर्ट, बैंक एंड फ्रंट ऑफिस वर्क, सोशल मीडिया हैण्डलिंग, डाटा एनालिसिस जैसे आउटसोर्सिंग से युवा जुड़ सकते हैं और उन्हें रोजगार भी मिल सकता है।

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ग्लोबल टेंडर के लिए कई कंपनियां शामिल…

जानकारी के मुताबिक कॉल सेंटर,कस्टमर सपोर्ट, सेल्स एंड मार्केटिंग डाटा एंट्री, टेक्निकल, चैट सपोर्ट,बैक एंड फ्रंट ऑफिस वर्क सोशल मीडिया हैंडलिंग, डाटा एनालिसिस जैसे आउटसोर्सिंग व्यवसाय के लिए कई कंपनियां शामिल होंगी।महापौर एजाज ढेबर ने बाईट दिनों रायपुर नगर निगम की इस योजना का खुलासा किया था।