नई दिल्ली । भाजपा ने आम आदमी पार्टी के मुखिया एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आज आरोप लगाया कि उन्होंने पार्टी और व्यक्तिगत काम के लिए सैकड़ों लोगों की भर्ती की और सरकारी खजाने से उनका ख़ज़ाना भरा। भाजपा सांसद एवं प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी और दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारतीय राजनीति में कट्टर ईमानदार के नित नए किरदार उभर कर सामने आ रहे हैं।

पहले शराब के कारोबार में उनका किरदार दिखा, फिर बिजली के व्यापार में और उसके बाद अदालत के अंदर एवं भ्रष्टाचारियों के साथ सरोकार में भी उनका किरदार दिखा। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति के स्वयंभू कट्टर ईमानदार आए दिन अपने नए रंग दिखा रहे हैं। शराब घोटाले से लेकर बिजली घोटाले तक, ‘आप’ के भ्रष्ट आचरण की सूची लंबी है। अब उनका एक नए प्रकार का किरदार दिख रहा है। जिसमें अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को सरकारी तनख्वाह पर नियुक्त करना और उनसे सरकारी पद पर रहते हुए पार्टी का काम करवाना।

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त्रिवेदी ने कहा कि ऐसे कईं लोगों के नाम सामने आए हैं, जो तनख्वाह सरकार से पा रहे हैं, लेकिन काम अरविंद केजरीवाल के लिए कर रहे हैं। ये वो पार्टी है जिसने शपथ पत्र पर लिखा था कि हम मकान, वाहन और सुरक्षा नहीं लेंगे। आज वो सरकारी खजाने का लगातार दुरुपयोग कर रहे हैं।


सचदेवा ने कहा कि दिल्ली के उपराज्यपाल ने लगभग 437 नियुक्तियां रद्द कीं हैं। उन्होंने कहा कि जो पहली सूची सार्वजनिक रूप से सामने आई, तो वह 116 लोगों की थी। उन 116 लोगों की जब हमने जानकारी इकट्ठा करनी शुरू की, तो आधी रात तक सबके सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट हो गए।


प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों’ का यह कृत्य कि वे सरकार से वेतन तो लेते हैं लेकिन किसी राजनीतिक दल के लिए काम करते हैं, बिल्कुल असंवैधानिक है। उन्होंने सवाल किया कि क्या इन 437 उम्मीदवारों की नियुक्ति से पहले श्री केजरीवाल ने कोई संवैधानिक मंजूरी ली थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार में किसी भी उपयुक्त प्राधिकारी की अनुमति के बिना कोई नियुक्ति नहीं हो सकती। लेकिन केजरीवाल ने अपने पसंदीदा लोगों को उपकृत किया, उन्हें अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए नियुक्त किया और अपना खजाना भरने के साथ-साथ उनका खजाना भी भरा।

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