बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में शनिवार सुबह तीन मंजिला बिल्डिंग अचानक भरभरा कर गिर गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई है। बताया जा रहा है कि बिल्डिंग के पास नाला बन रहा है, इसके कारण यह हादसा हुआ। इस घटना से लोगों में नगर निगम के खिलाफ आक्रोश है। लोग मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। राहत की बात यह है कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुई है।
दरअसल, शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम 50 करोड़ रुपए की लागत से नालियों का निर्माण करा रहा है। लेकिन, इसकी प्लानिंग में मनमानी के चलते मानसून शुरू होने के बाद भी काम अधूरा है। जगह-जगह सड़कों और गलियों में खुदाई कर दी गई है। जबकि, यह पूरा काम मानसून से पहले हो जाना चाहिए था।

शिकायत के बाद भी नहीं दिया ध्यान
बताया जा रहा है कि, मंगला चौक के रिंग रोड 2 में भी खुदाई करके नाली बनाने का काम किया जा रहा है। यहां रानी सती गेट के बाजू में भी नाली बनाने के लिए खुदाई की गई है, जिसके चलते वहां बना तीन मंजिला कॉम्प्लेक्स शनिवार की सुबह भरभरा कर गिर गया। इसके बाद अब स्थानीय व्यापारियों ने हंगामा शुरू कर दिया है, और मुआवजे की मांग की गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि, निगम लापरवाही पूर्वक निमार्ण कार्य करा रहा है। इसका बड़ा खामियाजा एक घर गिरने के रूप में मिला है। लोगों का कहना है कि नाला निर्माण के चलते घर का बेस कमजोर हुआ है, जिसके चलते बड़ी घटना घटी है। दुकान मालिक विशाल गुप्ता ने बताया कि, लापरवाही पूर्वक नाले के लिए खुदाई की गई, जिसकी जानकारी उन्होंने अधिकारियों को दी थी, लेकिन उनकी शिकायत को नजर अंदाज किया गया।

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बचाव दल मौके पर मौजूद
इस हादसे की खबर मिलते ही सिविल लाइन टीआई परिवेश तिवारी अपनी टीम के साथ पहुंच गए हैं। उन्होंने हादसे की जानकारी आला अधिकारियों को दी, जिसके बाद नगर सेना की आपदा प्रबंधन टीम के साथ ही नगर निगम के अफसर मौके पर पहुंच गए हैं।