मुंबई। एक्ट्रेस काजोल आज यानी शनिवार को 49 साल की हो गई। 5 अगस्त 1974 को मुंबई में जन्मी काजोल पिछले 30 सालों से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और अपनी एक्टिंग के दम पर एक अलग पहचान बनाने में कामयाब रही हैं। काजोल ने 16 साल की उम्र में बॉलीवुड में कदम रखा और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। काजोल अपने अब तक के करियर में कई सुपरहिट फिल्मों का हिस्सा रही हैं।

एक्ट्रेस को अभिनय की कला विरासत में मिली। दरअसल, उनके पिता सोमु मुखर्जी निर्माता जबकि मां तनुजा जानी मानी फिल्म अभिनेत्री थी। घर में फिल्मी माहौल रहने के कारण काजोल अक्सर अपनी मां के साथ शूटिंग देखने जाया करती थी। इस वजह से उनका भी रूझान फिल्मों की ओर हो गया और वह भी अभिनेत्री बनने के ख्वाब देखने लगी। काजोल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा संत जोसेफ कान्वेंट पंचगनी से की। इसके बाद उन्होंने बतौर अभिनेत्री अपने सिने करियर की शुरूआत साल 1992 में प्रदर्शित फिल्म ‘बेखुदी’ से की। युवा प्रेम कथा पर बनी इस फिल्म में उनके नायक की भूमिका कमल सदाना ने निभाई लेकिन कमजोर पटकथा और निर्देशन के कारण फिल्म टिकट खिड़की पर असफल साबित हुई।

See also  बेहद दर्दनाक थी इन ग्लैमरस अभिनेत्रियों की मौत, जानें उनकी दास्तान

साल 1993 में काजोल को अब्बास-मुस्तान की फिल्म ‘बाजीगर’ में काम करने का अवसर मिला। इस फिल्म में उनके नायक की भूमिका शाहरूख खान ने निभाई थी। यूं तो पूरी फिल्म शाहरूख खान पर केन्द्रित करके बनाई गई है लेकिन काजोल ने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। साल 1994 काजोल के सिने कैरियर में अहम वर्ष साबित हुआ। इस वर्ष उनकी उधार की जिंदगी, ये दिल्लगी और करण अर्जुन जैसी फिल्म प्रदर्शित हुई। उधार की जिंदगी टिकट खिड़की पर असफल साबित हुई लेकिन काजोल ने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। वहीं बांबे फिल्म जर्नलिस्ट ऐशोसियेशन की ओर से सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित की गई।

साल 1994 में ही काजोल को यश चोपड़ा के बैनर तले बनी फिल्म ये दिल्लगी में काम करने का अवसर मिला। इस फिल्म में उनके नायक की भूमिका अक्षय कुमार और सैफ अली खान ने निभाई। इस फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिए वह पहली बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्म फेयर पुरस्कार के लिए नामांकित की गई। साल 1995 में काजोल को यश चोपड़ा की ही फिल्म ..दिलवाले दुल्हनियां ले जायेगे.. में काम करने का अवसर मिला जो उनके सिने कैरियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। काजोल और शाहरूख खान के बेहतरीन अभिनय से सजी यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई।

See also  जन्मदिन पर कंगना को मिला खास तोहफा, कहा- 'सुपर ह्यूमन की तरह कर रही हूं महसूस'

साल 1997 में काजोल को निर्माता निर्देशक राजीव राय की फिल्म ‘गुप्त’ में काम करने का अवसर मिला। वह फिल्म भी सुपरहिट साबित हुई। फिल्म गुप्त में काजोल का किरदार ग्रे शेडस लिए हुए था। फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिए वह सर्वश्रेष्ठ खलनायक के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित की गई। फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास का पहला मौका था जब किसी अभिनेत्री को सर्वश्रेष्ठ खलनायक का फिल्म फेयर पुरस्कार दिया गया था। साल 1998 में काजोल के सिने करियर की एक और अहम फिल्म ‘दुश्मन’ प्रदर्शित हुई। इस फिल्म में काजोल ने अपने सिने करियर में पहली बार दोहरी भूमिका निभाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिए वह सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्म फेयर पुरस्कार के लिए नामांकित की गई।