दुर्ग। छत्तीसगढ़ में फर्जी टीटी बनकर ट्रेनों में यात्रियों से वसूली करने वाले एक सब्जी व्यापारी को रेलवे पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी एक सब्जी का व्यापारी है। वह दुर्ग से अनूपपुर और मनेंद्रगढ़ तक सब्जी पहुंचाने का काम करता है। युवक किराया देने से बचने के लिए लोगों से टिकट चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली कर रहा था। मगर एक यात्री की सुझबूझ से नकली टीटी को पकड़ लिया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, फर्जी टीटी ने यात्री मोहम्मद रफीक से टिकट मांगा और उनके टिकटों की जांच की। इस दौरान यात्री रफीक को टीटी के हावभाव को देखकर संदेह हुआ। इसके बाद यात्री ने उसलापुर स्टेशन के आरपीएफ को नकली टीटी की जानकारी दी। इस पर आरपीएफ ने ट्रेन में संदेहात्मक व्यक्ति को ढूंढा पर वह नहीं मिला। दूसरे दिन मो. रफीक जब दुर्ग स्टेशन आए तो वहां वही संदेहात्मक व्यक्ति प्लेटफॉर्म नं. 4 पर बैठा पाया गया। इसके बाद मो. रफीक टीटी कार्यालय दुर्ग से संपर्क किया। यहां पीके यादव, डिप्टी सीटीसी और असली टिकट चेकिंग स्टाफ को सभी बातें बताईं। तत्काल दुर्ग स्टेशन पर उस व्यक्ति (फर्जी टीटी) से पूछताछ की, जिसने खुद को डोंगरगढ़ में रेलवे कर्मचारी बताया, लेकिन उसके पास एक डुप्लीकेट रेलवे कार्ड था। इसमें उसका नाम संतोष दर्शाया गया था।

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संदेह होने पर टीसी ने व्यक्ति से पहचान पत्र दिखाने को कहा। जबरदस्ती करने पर उस व्यक्ति ने अन्य पहचान पत्र आधार कार्ड दिखाया। इसमें उसका नाम अवधेश साहू दर्शाया गया था। इसके बाद वाणिज्य विभाग के टिकट जांच कर्मियों ने रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी की मदद से उस व्यक्ति को टीसी कार्यालय में लाकर चेक किया और उसके बैग की तलासी ली। इसमें रेलवे नौकरी प्रदान करने के संदिग्ध दस्तावेज पाए गए। पूछताछ करने पर आरोपी ने बताया कि वह सब्जी व्यापारी है। सब्जी ले जाने के लिए उसे बार-बार ट्रेन का किराया देना पड़ता था। साथ ही जीआरपी और आरपीएफ के जवान भी उसे परेशान करते थे। इससे बचने के लिए उसने ये पैंतरा अपनाया। आरोपी अवधेश साहू पर रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी ने कार्रवाई कर जेल भेज दिया है।