रायपुर। राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध पर नकेल कसने और उनके सम्मान को बरकरार रखने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने घोषणा किया है कि लड़कियों और महिलाओं से छेड़छाड़, बलात्कार आदि के आरोपियों को सरकारी नौकरियों से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। यानी वैसे युवक जिनपर लड़कियों या महिलाओं के साथ किसी तरह की छेड़खानी या दुष्कर्म का आरोप दर्ज है, वे छत्तीसगढ़ में किसी भी तरह के सरकारी नौकरी के ले लिए पात्र नही होंगे।

छत्तीसगढ़ सीएमओ ने दी जानकारी

भूपेश बघेल सरकार ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं उनके गरिमा बनाये रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम निर्णय लेने जा रहे हैं कि लड़कियों और महिलाओं से छेड़छाड़, बलात्कार आदि के आरोपियों को सरकारी नौकरियों से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।

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आवासीय विद्यालय की छात्रा के साथ हुआ था दुष्कर्म

आपको बता दे, छत्तीसगढ़ में आवासीय विद्यालय के पहली कक्षा की छात्रा के साथ हुआ था। छत्तीसगढ़ में इस तरह के अपराधों की लंबी लिस्ट है। बीते कुछ दिन पहले राज्य के आदिवासी आबादी बहुल सुकमा जिले में स्थित एक सरकारी आवासीय विद्यालय छात्रावास में रहने वाली पहली कक्षा की छात्रा से दुष्कर्म का मामला सामने आया था। राज्य के मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ने इस घटना को लेकर सत्ताधारी कांग्रेस की जमकर आलोचना की और आरोप लगाया है कि राज्य में कानून व्यवस्था ही ध्वस्त हो गयी है। बीजेपी विधायक ने आरोप लगाया है, ‘कांग्रेस के पूरे शासनकाल में बलात्कार की लगभग 5,000 घटनाएं हुई है, महिला सुरक्षा के तमाम सरकारी दावे खोखले साबित हुए हैं’ छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं के ऊपर हो रहे अपराध को रोकने में नाकाम साबित होती नजर आ रही है।

छत्तीसगढ़ सरकार के इस निर्णय को लोगों ने बताया सरहनीय पहल

महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध के मामले के बीच सरकार का यह कदम सराहनीय बताया जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि इस नियम को लागू करने से छेड़खानी और दुष्कर्म जैसे मामले को रोकने में मदद मिलेगी और महिलाआं को सम्मान मिलेगा।

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