0 पूर्व में योग आयोग को किराये पर भवन दिए जाने का प्रस्ताव हो चुका है पारित
0 दोबारा प्रस्ताव लाने के औचित्य पर विपक्षियों ने उठाया सवाल

रायपुर। नगर पालिक निगम, रायपुर की सामान्य सभा में चौक-चौराहों, सड़कों और तालाब के नामकरण को लेकर चर्चा हुई और इनके प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित भी कर दिया गया, मगर जैसे ही शहर के फुंडहर में बने वर्किंग विमेंस हॉस्टल के लिए बने 124 कमरों के भवन को योग आयोग को निःशुल्क दिए जाने का प्रस्ताव सदन में आया, विपक्षी पार्षदों ने यह कहते हुए प्रस्ताव का विरोध शुरू कर दिया कि पूर्व में इसी सदन में वर्किंग विमेंस हॉस्टल का भवन योग आयोग को “किराये” पर दिए जाने का प्रस्ताव पारित किया जा चुका है, अब दोबारा इसको निःशुल्क दिए जाने का प्रस्ताव सदन में कैसे लाया जा रहा है। इसके क्या प्रावधान हैं ?

विपक्ष के अधिकांश पार्षदों ने निगम के आधिपत्य वाले भवन को किसी और संस्था को दिए जाने का विरोध किया वहीं कुछ पार्षदों ने यह भी सुझाव दिया कि भवन के पूरे 124 कमरों को योग आयोग को देने की बजाय एक हिस्से के कमरों को दिया जाये, शेष हिस्से में वर्किंग विमेंस हॉस्टल चलाया जाये।

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देर तक चलती रही बहस

दरअसल छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा नगर पालिक निगम रायपुर के पार्षद और MIC सदस्य भी हैं। उनके अनुरोध पर ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ग्राम फुंडहर में निर्मित विमेंस हॉस्टल के विशाल भवन को योग आयोग को सौंपे जाने की घोषणा की थी। इसी कड़ी में ज्ञानेश शर्मा ने पूर्व की सामान्य सभा में लिए गए निर्णय को संशोधित करते हुए भवन को निःशुल्क उपलब्ध कराने की मांग की है। इस मुद्दे पर बहस के दौरान ही ज्ञानेश शर्मा ने दलील दी कि कामकाजी महिलाएं शहर से दूर निर्मित इस भवन पर रहने को तैयार नहीं हैं, इसलिए वहां अब तक हॉस्टल शुरू नहीं किया जा सका है। इसे देखते हुए भवन को अब योग आयोग को दे दिया जाना चाहिए। हालांकि ज्ञानेश शर्मा की अनेकों दलील के बावजूद बहस का दौर चलता रहा।

प्रस्ताव बहुमत से हुआ पारित

विमेंस हॉस्टल को लेकर चली लंबी बहस के बीच सत्तापक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि इसके लिए मुख्यमंत्री पहले ही घोषणा कर चुके हैं। साथ ही खाली पड़े भवन को योग आयोग को देना जनहित में होगा। इसके बाद बहुमत के आधार पर योग आयोग को विमेंस हॉस्टल का भवन निःशुल्क दिए जाने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया।

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ये प्रस्ताव भी किये गए पारित

नगर पालिक निगम रायपुर की सामान्य सभा में पहला एजेंडा वार्ड क्रमांक 23 में डॉ भीमराव आंबेडकर की मूर्ति स्थापित करने को लेकर था। इसी तरह शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड स्थित कारी तालाब का नामकरण एकलव्य सरोवर करने, VIP चौक से एयरपोर्ट जाने वाले मार्ग को स्व. राजीव गांधी के नाम पर रखने सहित नामकरण के कई अन्य प्रस्ताव सभा में रखे गए और सभी को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।

नगर निगम रायपुर की इस सामान्य सभा में कुल 34 एजेंडे रखे गए हैं, जिन पर अभी चर्चा चल रही है। इनमें जाति प्रमाण पत्र से लेकर 15 वें वित्त आयोग के तहत वायु गुणवत्ता सुधार कार्य, इलेक्ट्रिक बसों की खरीदी भाठागांव में नवीन जलागार निर्माण सहित दो दर्जन प्रस्ताव शामिल हैं। जिन पर बारी-बारी से बहस हो रही है।