लखनऊ । यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स को उस वक्त बड़ी सफलता मिली, जब उसने पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी से जुड़े कलीम अहमद नाम के शख्स को मेरठ से गिरफ्तार कर लिया। कलीम पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई के साथ मिलकर साजिश के तहत अवैध हथियार जमा कर रहा था। इसके साथ ही कलीम कुछ युवाओं को उकसा भी रहा था कि वो भारत में जिहाद फैलाने के काम पर लगें। यूपी एसटीएफ ने बताया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी कलीम अहमद के जरिए भारत की एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाना चाहती थी। ये लोग अलग-अलग जगहों पर कुछ बड़ी वारदात करना चाहते थे, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़े और देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो। कलीम ने भारत में सुरक्षा के नजरिए से अहम माने जाने वाली जगहों और राफेल विमान की तस्वीरें और इनसे जुड़ी जानकारी व्हाट्सएप के जरिए आईएसआई और पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों को भी भेजी थी।

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देश के खिलाफ साजिश में कलीम का भाई भी शामिल एसटीएफ के मुताबिक अभी 4-5 दिन पहले ही कलीम पाकिस्तान से लौटा था। पुलिस को अपने खुफिया सूत्रों से खबर मिली कि कलीम अहमद आईएसआई के लिए काम कर रहा है। यही नहीं, इस साजिश में उसके साथ उसका भाई तहसीन उर्फ तसीम भी शामिल है। इसके बाद एसटीएफ ने अपना जाल बिछाया और उसके घर पर रेड कर, उसे गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ ने बताया कि पूछताछ में कलीम अहमद ने कबूल किया कि पाकिस्तान में अपने रिश्तेदारों से मिलने के दौरान वो आईएसआई के अधिकारियों से भी मिला था। आईएसआई ने उसे लालच दिया कि अगर वो उनके लिए काम करेगा तो उसे काफी पैसा मिलेगा। कलीम ने यह भी बताया कि आईएसआई का मकसद भारत में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ना था। इसके बाद कलीम ने फर्जी आईडी पर एक सिमकार्ड खरीदा और सुरक्षा के नजरिए से अहम मानी जाने वाली जगहों सहित राफेल फाइटर जेट से जुड़ी तस्वीरें पाकिस्तान में अपने हैंडलर को वॉटसऐप की।

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