सूरजपुर। ऑनलाइन ठगी के ज्यादातर मामलों में अधिकांश लोग अज्ञानता के चलते फ्रॉड का शिकार बनते हैं, मगर जब अच्छे खासे पढ़े-लिखे लोग भी बेवकूफ बन जाएं, तो इसे क्या कहेंगे ? जी हां, छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में ऐसा ही वाकया हुआ है, जहां एक इंजीनियर युवती को ठगों ने आनलाइन गेम खिलाकर ठगी का शिकार बना लिया।

इस तरह लिया झांसे में

सूरजपुर जिले में विश्रामपुर के शिवनंदनपुर में रहने वाली जागृति जैन पति पुनीत दुगड़ पति पुनीत दुगड़ पेशे से कंप्यूटर इंजीनियर है। छह महीने पहले युवती का विशाखापट्टनम में विवाह हुआ है। कुछ दिनों पहले वह अपने मायके विश्रामपुर आई थी। युवती ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि छह सितंबर को उसके मोबाइल नंबर पर अज्ञात व्यक्ति के व्हाट्सएप नंबर के माध्यम से उसके मोबाईल पर फ्रूटबाल डिजिटल मिडिया से मैसेज आया कि व्हाट्सअप लिंक को फॉलो करने पर 50रू मिलेगा उस लिंक को युवती द्वारा फॉलो किया गया तो उसे 150रू मिले।

See also  लड़की को गंड़ासे से गोदने वाले युवक का निकाला जुलूस, कान पकड़ कर सड़क पर मांगता रहा माफी

इसके बाद 8 सितम्बर की सुबह 10 बजे फिर से जागृति जैन के मोबाईल टेलीग्राम पर मैसेज आया कि टास्क शुरू हो गया है। फिर एक टेलीग्राम ग्रुप का लिंक मिला और ज्वाईन करने हेतु मैसेज आया, जिस पर बताया गया कि कुल 20 टास्क होंगे और 50रूपये प्रति टास्क दिया जाएगा और यदि उसने कोई टास्क छोड़ा तो कमीशन घटकर 25 रू हो जाएगा। इस दौरान उसे दो प्रकार के टास्क मिले। एक मर्चेन्ट प्रीपेड टास्क व दूसरा इन्सटाग्राम का लिंक फालो टास्क करना था, तो जागृति ने उस दिन 2 मर्चेन्ट प्रीपेड टास्क और 9 इंस्टाग्राम का लिंक फालो टास्क, जिस पर कुल 7000रू लगाने पर उसके ICICI बैंक के खाता क्रमांक 119601501792 में कुल 9450रू उसके बैंक खाते में प्राप्त हुआ।

लालच में आकर जारी रखा खेलना

जागृति जैन को जब टेलीग्राम receiptionist pooja टेलीग्राम आईडी पर टास्क स्टार्ट होने का मैसेज आया तो उसने फिर भाग लिया, जिसमें कुल 14 टास्क में हिस्सा लिया। इस दौरान उसे झांसे में लेकर कुल 7 आर्डर पर गुगल पे व मोबाईल बैकिंग से कुल 16 लाख 33000रू उसके खाते से मोबाईल के माध्यम से ट्रान्सफर करवाया गया। अब जागृति का कहना है कि उसे धोखे में रखकर पूरी रकम ट्रांसफर करवाई गई।

See also  पेचकस से गोदकर युवती की हत्या करने वाले सनकी प्रेमी को राजनांदगांव से किया गया गिरफ्तार, कोरबा की है वारदात

सेटलमेंट करने साढ़े 7 लाख और मांगे

जागृति को अपने ठगे जाने का अहसास तब हुआ जब सेटलमेन्ट करने के नाम पर उससे पर्सनल इन्कम टैक्स 7 लाख 70000रू की मांग की गई। इस मामले की लिखित शिकायत मिलने पर विश्रामपुर पुलिस ने ऑनलाइन ठगों खिलाफ चार सौ बीसी का अपराध दर्ज करते हुए उनकी तलाश शुरू कर दी है।

पेशे से इंजिनियर जागृति की तरह ठगे जाने से बचने के लिए आप भी रहें सतर्क और इस तरह पैसे के लालच में आकर साइबर ठगों के जाल में न फंसें।

FILE PHOTO