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बिलासपुर/ रायपुर/कोरबा। ED Breaking: केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोरबा में करोड़ों की जमीन की हेराफेरी की जांच शुरू कर दी हैं। ईडी ने तत्कालीन रेवेन्यू इंस्पेक्टर चंद्रधर सिंह सिदार को पूछताछ के लिए समंस जारी कर पुजारी पार्क स्थित दफ्तर बुनाने पर आरआई ने कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी लगा दी।

ED Breaking: बुधवार को जमानत पर कोर्ट में बहस हुई। आरआई की ओर से हाईकोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता फौजिया मिर्जा उपस्थित हुईं। उन्होंने कहा कि कोरबा पुलिस ने इसमें जालसाजी का केस दर्ज किया था। पुलिस ने लंबी जांच के बाद केस में क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में पेश किया है। इसलिए अब इसमें अपराध ही नहीं बनता है।

ED Breaking:इस पर ईडी ने जवाब दिया कि केस की प्रारंभिक जांच चल रही है। इसमें किसी को आरोपी नहीं बनाया गया है। प्रारंभिक विवेचना में जानकारी के लिए आरआई को बुलाया गया है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा है। गुरुवार को इसमें फैसला सुनाया जाएगा।

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ED Breaking:मिली जानकारी के अनुसार चांपा-कोरबा-कटघेारा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 149 बी में फोर लेन का निर्माण होना है। ​प्रोजेक्ट आने के पहले ही कोरबा के हरदीबाजार-तरदा बाईपास की जमीन को कुछ लोगों ने सिंडिकेट बनाकर खरीद लिया। इसमें 50 गांवों में 500-500 वर्ग मीटर से कम के टुकड़े कर जमीनों की खरीदी-बिक्री की गई है।

ED Breaking:इसके अलावा एसईसीएल की जमीन में हेराफेरी का आरोप है। इसमें गलत खसरा नंबर बिठाने की शिकायत है। इसे लेकर कोरबा पुलिस ने दो अलग-अलग केस दर्ज किया था। इसमें आरआई चंद्रधर सिंह सिदार समेत अन्य को आरोपी बनाया गया है।

ED Breaking:पुलिस ने विवेचना के बाद केस को खत्म करते हुए कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत की है। कोर्ट में यह विचाराधीन है। कोरबा के दोनों मामलों में ईडी ने भी केस दर्ज किया है। अब इसकी जांच शुरू कर दी गई है। इसमें आधा दर्जन लोगों को समंस जारी किया गया है। इसमें आरआई सिदार को भी बुलाया गया है।

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