रायपुर। परिवहन विभाग की आनलाइन लाइसेंस बनाने की सेवा का फर्जी लाइसेंस बनाने वाले बेजा फायदा उठा रहे है।ताजा मामला कचना इलाके का है जिसमें एक आरटीओ एजेंट ने फर्जी लाइसेंस बनाकर कई लोगों को बांट दिया।

जब एक लाइसेंसधारी ने आरटीओ ऑफिस जाकर इस लाइसेंस की सत्यता जांच कराई तो फर्जी लाइसेंस होने का खुलासा हुआ।

मामला विधानसभा थाना क्षेत्र का है। कचना के एक निजी सोसायटी के रहने वाले राजेश शर्मा ने 2 अक्टूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई कि कॉलोनी के रहने वाले ऋषभ बोथरा ने फर्जी लाइसेंस बनाया है।

आरोपी ने खुद को आरटीओ एजेंट बताया और आसानी से लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर देने की बात की।कॉलोनी के 6 से 7 लोगों ने उसे लायसेंस बनवाने का काम दे दिया।

जिसके एवज में उसने कई डॉक्यूमेंट लिए और 25 हजार रुपये वसूल लिया। फिर कुछ दिनों बाद लाइसेंस की कॉपी भी लाकर दिया। पीड़ित राजेश शर्मा को ड्राइविंग लाइसेंस पर शक हुआ तो वे RTO ऑफिस पहुंचकर जांच करवाई तो वह फर्जी निकला। इ

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सके अलावा सोसाइटी के कई लोगों के लाइसेंस का नंबर भी एक निकला। इन सभी लोगों ने उसी व्यक्ति से लायसेंस बनवाया था। इस मामले में विधानसभा पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच कर रही है। न

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