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बिलासपुर। आपराधिक मामलों में अब किसी भी अभियुक्त के जमानत आवेदन के साथ उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी संलग्न करना होगा। इस संबंध में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आदेश जारी कर दिया है।

हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार न्यायिक विनोद कुजूर की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि प्रदेश के न्यायालयों में अब किसी भी आरोपी के नियमित या अग्रिम जमानत पर निर्णय लेते समय आदेश में जज को उसके पूर्व के आपराधिक रिकार्ड के संबंध में लिखना होगा। आदेश में एफआईआर का नंबर, धारा, तिथि, उसकी स्थिति, गिरफ्तारी और पूर्व में मिली जमानत या रिहाई के संबंध में ब्यौरा भी दर्ज होगा।

निर्णय लेने में होगी शीघ्रता

मिली जानकारी के मुताबिक अब तक जमानत अथवा अग्रिम जमानत के मामलों में आवेदन प्राप्त करने के बाद अदालत अभियोजन अथवा आवेदक को नोटिस जारी कर पूर्व के आपराधिक रिकार्ड का विवरण प्राप्त करती थी। अब आवेदन के साथ आपराधिक रिकॉर्ड मिल जाने से आवेदन पर निर्णय शीघ्र लिया जा सकेगा।

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रजिस्ट्रार न्यायिक ने इस संबंध में महाधिवक्ता, केंद्र व राज्य सरकार के अधिवक्ताओं तथा बार एसोसिएशन को जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है ताकि संबंधित अधिवक्ता जमानत आवेदन के साथ आपराधिक रिकॉर्ड का विवरण भी दे सकें।