छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 से पहले और अमित शाह के छत्तीसगढ़ के दौरे के दूसरे दिन प्रदेश की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और पाली-तानाखार से विधायक रामदयाल उइके ने कांग्रेस का साथ छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया है। उइके पिछले 18 सालों से कांग्रेस से जुड़े थे।

रामदयाल उइके ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के हाथों पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह और प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक भी उपस्थित थे।

बता दें कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह दो दिन के दौरे पर छत्तीसगढ़ में हैं। उन्होंने शुक्रवार को अंबिकापुर और बिलासपुर में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। शनिवार को उनका जगदलपुर और रायपुर का दौरा है।

लेकिन शनिवार सुबह आई खबरों के मुताबकि अमित शाह बिलासपुर के एक होटल में एक गुप्त बैठक कर रहे हैं। इसके बाद भाजपा की ओर से आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह और रमन सिंह की मौजूदगी में रामदयाल उइके ने भाजपा की सदस्यता ले ली।

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रामदयाल उइके का राजनीतिक सफर

रामदयाल उइके 4 बार विधयाक रहे है। अजीत जोगी ने उन्हें भाजपा से कांग्रेस में शामिल कराया था। उन्होंने 2000 में अजीत जोगी के लिए मरवाही सीट छोड़ दी थी। अब उइके के एक बार फिर से भाजपा में शामिल होने के बाद ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे फिर से मरवाही से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं।

साल 2000 में जब उइके कांग्रेस में शामिल हुए थे तब उनके साथ 12 विधायक भी कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए थे। अब 18 साल बाद रामदयाल उइके फिर भाजपा में शामिल हो गए हैं। रामदयाल उइके कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रहते भाजपा में शामिल होने वाले राज्य के पहले नेता हैं।

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