रायपुर: रायपुर ग्रामीण विधानसभा सीट एक सामान्य सीट है. इस सीट पर वर्तमान में कांग्रेस के सत्यनारायण शर्मा विधायक हैं. पिछले बार भी सत्यनारायण शर्मा को ही क्षेत्र की जनता ने चुना था. जानकारों की मानें तो इस बार सत्यनारायण चुनाव में खुद न खड़े होकर अपने बेटे पंकज शर्मा को चुनाव में उतारना चाहते हैं. यदि ऐसा हुआ तो इसका चुनाव परिणाम पर भी असर देखने को मिल सकता है. रायपुर ग्रामीण विधानसभा में ओबीसी वोटरों की संख्या अधिक है. यही कारण है कि भाजपा पिछले तीन बार से साहू समाज के उम्मीदवार को मैदान में उतारती रही है. बावजूद इसके यहां से सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार जीत रहे हैं. इस सीट पर जातिगत समीकरण का कोई प्रभाव देखने को नहीं मिल रहा है.

रायपुर ग्रामीण विधानसभा सीट की अहमियत:

साल 2008 में सीमांकन के बाद रायपुर ग्रामीण विधानसभा सीट पर चुनाव में भाजपा ने जीत हासिल की थी. भाजपा से नंदे साहू विधायक चुने गए थे. उन्होंने सत्यनारायण शर्मा को हराकर इस सीट पर कब्जा किया था. उसके बाद इस सीट पर साल 2013 और साल 2018 में सत्यनारायण शर्मा ने जीत हासिल की. सत्यनारायण शर्मा पहली बार 1990 में विधायक बने थे. उसके बाद 1993, 1998, 2003, 2013 और फिर 2018 में वे सातवीं बार विधायक चुने गए. रायपुर ग्रामीण विधानसभा का फैलाव रायपुर शहर के चारों तरफ है. इस विधानसभा क्षेत्र से रायपुर शहर के उत्तर, दक्षिण और पश्चिम सीट के साथ अभनपुर और धरसींवा विधानसभा का क्षेत्र भी लगा हुआ है. यही कारण है कि ये विधानसभा काफी बड़ा है. इस विधानसभा के अंतर्गत कई औद्योगिक क्षेत्र भी आते हैं, जिसमें बीरगांव, उरला, उरकुरा और गोगांव जैसे दर्जनों औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं. इसलिए औद्योगिक परिपेक्ष में भी ये विधानसभा काफी महत्वपूर्ण है.

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2018 विधानसभा चुनाव की तस्वीर:

2018 विधानसभा चुनाव की बात करें तो इस साल 173154 वोट पड़े थे. इस सीट पर सत्यनारायण शर्मा को 78468 वोट मिले थे, जो कुल मतदान का 45 फीसद था. वहीं भाजपा के उम्मीदवार नंदे साहू को 68015 वोट मिले थे, जो कि कुल मतदान का 39 फीसद था.

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