रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना के फॉर्म भरे जाने के बाद दावा-आपत्ति के लिए सूची आंगनबाड़ी केंद्रों की दीवारों पर चस्पा कर दी गई हैं। इसके साथ ही उन महिलाओं की सूची भी काफी लंबी है, जिनके बैंक खातों की आधार सीडिंग नहीं हुई है, इन्हें केंद्रों में बुलाकर संबंधित बैंकों में अपने खातों को दुरुस्त करवाने को कहा जा रहा है।

क्या होता है आधार सीडिंग..?

दरअसल विभिन्न सरकारी योजनाओं द्वारा प्रदान किए गए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) प्राप्त करने के लिए हितग्राही के बैंक खातों से आधार की सीडिंग आवश्यक है। प्रदेश भर में जिन महिलाओ ने महतारी वंदन योजना का लाभ उठाने के लिए फॉर्म भरा है, उन्होंने अपने जिस बैंक खाते की जानकारी दी है, उसका आधार कार्ड से लिंक होना जरुरी है। ऐसे हजारों आवेदिकाएं हैं, जिनके खातों की आधार साइडिंग नहीं हुई है। इनके नामों की सूची अलग से जारी की गई है, जिनके आगे लिखा है- ADHAR IS NOT IN NPCI DATABASE. इनके नाम के साथ ही उनके मोबाइल नंबर भी अंकित हैं, जिन पर कॉल करके उन्हें बुलाया जा रहा है और उन्हें संबंधित बैंकों में जाकर अपने खाते के साथ आधार सीडिंग कराने को कहा जा रहा है।

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बैंकों को कैंप लगाने का निर्देश

चूंकि आधार सीडिंग से चूक गई महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा है इसलिए जितने भी बैंक हैं, उन्हें महतारी वंदन की आवेदक महिलाओं के आधार सीडिंग के लिए अलग से कैंप लगाकर उनके कार्य जल्द से जल्द निपटने को कहा गया है।

दावा-आपत्ति की मियाद हुई खत्म..!

महतारी वंदन योजना के तहत स्वीकृत किये गए आवेदनों की सूची एक या दो दिन पहले ही आंगनबाड़ी केंद्रों में चस्पा की गई है, और आज इसकी मियाद भी खत्म हो गई है। सरकार ने इसके लिए 25 फ़रवरी को शाम 5 बजे तक का समय दिया था। बताया जा रहा है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में कुछेक आपत्तियां पहुंच रही है, जिनमें महिलाओं की पात्रता को लेकर सवाल उठाये गए हैं

जो फॉर्म भरने से चूके वे क्या करें…

इस बीच महतारी वंदन योजना को लेकर कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही भी उजागर हुई है। दरअसल अंतिम तारीख निकल जाने के बाद भी अब तक कई महिलाओं के ऑफलाइन जमा किए गए फॉर्म की ऑनलाइन एंट्री नहीं हो सकी है, जिसके कारण कई पात्र हितग्राहियों के नाम सूची में नहीं ​हैं और न ही उनकी कोई ऑनलाइन जानकारी नहीं मिल पा रही है, जिसकी वजह से वे भटकने को मजबूर हैं।

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अनेक जिलों से यह खबर आ रही है कि कई महिलाओं के फॉर्म कर्मचारियों द्वारा ऑनलाइन नहीं भरे जा सके हैं, ऐसे लोगों के लिए शासन द्वारा कोई दिन तय करके फॉर्म भरने का समय दिया जा सकता है, या फिर 8 मार्च के बाद यह योजना जब नियमित रूप से लागू हो जाएगी, तब फॉर्म भरे जा सकते हैं। फ़िलहाल इन्हें इंतजार करना पड़ेगा।