मथुरा/आगरा। Mathura Holi : होलाष्टक के साथ ही रविवार से ब्रज में होली की शुरुआत हो गई। आज सोमवार को बरसाना की रंगीली गलियों में लठामार होली खेली जाएगी। श्रीलाडलीजी मंदिर में लड्डू होली के साथ गुलाल से आसमान सतरंगी हो उठा तो द्वारिकाधीश मंदिर में राजाधिराज ने अपनी पटरानी के साथ भक्तों पर चांदी की पिचकारी से रंग डाला। बता दें कि लड्डू होली का आनंद लेने के लिए देश-दुनिया से श्रद्धालु बरसाना पहुंचे थे। प्रशासन के अनुसार बरसाना में करीब 10 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे। 20 क्विंटल से ज्यादा लड्ड भक्तों पर फेंके गए।

Mathura Holi : ठाकुर राधावल्लभ मंदिर की लगभग 400 साल पुरानी होली की परंपरा का का निर्वाह रंगभरनी एकादशी पर 20 मार्च को होगा। बड़े रासमंडल से प्रिया-प्रियतम राधाकृष्ण के स्वरूप निशानों के साथ अठखंभा पहुंचेंगे। यहां से बग्घी में विराजमान होकर राधाकृष्ण के स्वरूप सखियों के साथ नगर भ्रमण कर ब्रजवासियों को होली के लिए आमंत्रित करेंगे। इस सवारी के बाद से वृंदावन के मंदिरों में रंग की होली की शुरुआत हो जाएगी।

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Mathura Holi : 5,000 साल से बरसाना के बहनोई हैं नंदगांव के हुरियारे

Mathura Holi : बरसाना की सखियां रविवार को नंदगांव में होरी का न्योता देने गईं। उन्होंने बहनोई की तरह नंदगांव के हुरियारों का मान-सम्मान किया। मगर, जानकारी हैरानी होगी कि बिना शादी-संबंधों के पांच हजार साल से यह परंपरा निभाई जा रही है। बरसाना-नंदगांव के लोग आपस में अपने बेटे-बेटियों का विवाह नहीं करते हैं। ब्रज की इस अनोखी रीत को पांच हजार साल से सभी जाति-धर्मों के लोग निभा रहे हैं।

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